निजी स्कूलों की मनमानी पर छत्तीसगढ़ छात्र पालक संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने की पत्रकारवार्ता…
छत्तीसगढ़ प्रदेश की भाजपा सरकार की छबि खराब करने में लगे शिक्षा माफिया…
द सिटी रिपोर्ट न्यूज़@दुर्ग/धमतरी
धमतरी जिले में संचालित छह निजी विद्यालय द्वारा शिक्षा के अधिकार अधिनियम का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए छत्तीसगढ़ छात्र पालक संघ के प्रदेश अध्यक्ष नजरुल खान ने पत्रकारवार्ता कर शिक्षा माफियाओं के खिलाफ अपना आक्रोश जताया है साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी को जल्द से जल्द स्कूलों की विभागीय ऑडिट कराने की मांग।
धमतरी जिले के 6 निजी स्कूलों पर मनमाना फीस वसूलने की शिकायत…
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ छात्र पालक संघ के प्रदेशाध्यक्ष नजरूल खान ने धमतरी में संचालित निजी स्कूलों की मनमानी और हो रही अवैध फीस वसूली के खिलाफ अपनी नाराजगी जताते पत्रकारवार्ता में सभी 6 स्कूलों की विभागीय ऑडिट कराने मांग की
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ छात्र पालक संघ के प्रदेश अध्यक्ष नजरूल खान के साथ धमतरी जिला अध्यक्ष सादिक रजा, मुस्तफा रजा, अनिता मूलवानी आदि भी मौजूद रहे।
निजी स्कूलों पर मनमानी का आरोप डीईओ से ऑडिट कराने की मांग की…
इस दौरान समस्त पत्रकारों को जानकारी देते हुए प्रदेशाध्यक्ष ने बताया कि धमतरी जिले के 6 निजी स्कूलों पर शिक्षा के नाम पर मनमाना फीस वसूलने का आरोप लगाया
साथ ही संघ की ओर से इन 6 स्कूलों द्वारा वर्ष- 2024-25 में की गई फीस वृद्धि पर रोक लगाकर इन स्कूलों की विभागीय ऑडिट कराने की मांग को लेकर जिला शिक्षाधिकारी को ज्ञापन सौंपे जाने की बात कही।

जिला शिक्षा विभाग को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग…
इस दौरान उन्होंने कहा कि शासन द्वारा मनमानी फीस पर अंकुश लगाने के लिए कानून तो बना दिया गया है लेकिन निजी स्कूलों में इसका पालन नहीं हो रहा है।
वही स्कूल संचालक फीस वृद्धि कर अधिनियम का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने स्कूल संचालकों पर शिक्षा को व्यापार बनाने का भी आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पास इसके पुख्ता सबूत भी मौजूद हैं।

पत्रकारों से चर्चा करते हुए संघ के सदस्यों ने कहा कि निजी स्कूल संचालक स्वयं ऑडिट कराकर रिपोर्ट जिला शिक्षा विभाग को सौंपते हैं। जबकि जिला शिक्षा विभाग को स्कूलों का ऑडिट स्वयं कराना चाहिए।

लाभ कमाने वाले स्कूलों के खिलाफ अधिनियम की धारा 13 के तहत 10 गुना जुर्माना करने की मांग…
उन्होंने जिले के 6 निजी स्कूलों में अध्ययनरत सभी छात्रों की कक्षावार संख्या और प्रतिवर्ष ली जाने वाली सभी फीस विद्यालय में होने वाले सभी खर्च की विभागीय ऑडिट कराकर लाभ कमाने वाले स्कूलों के खिलाफ अधिनियम की धारा 13 के तहत पालकों से वसूली गई लाभ की रकम को केपिटेशन शुल्क मानते हुए उक्त रकम का 10 गुना जुर्माना करने की मांग की है।

साथ ही कहा कि इस मामले में यदि जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है तो छत्तीसगढ़ छात्र पालक संघ द्वारा आगामी समय में प्रदेशभर में पालकों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।
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