अक्षय नवमी के दिन स्नान, पूजा और दान करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है….
TheCityReport@durg. आंवला नवमी के अवसर पर दुर्ग के रजेंद्रपार्क में अपने परिवार की सुख समृद्धि की मनोकामना लिए महिलाओं ने आंवला पेड़ पर की पूजा साथ ही डोर बांध भगवान की पूजा,इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएं पार्क में उपस्थित होकर पूजा अर्चना के बाद फलाहार की साथ विभिन्न आयोजन कर इस पर्व का लुफ्त उठाया

पौराणिक मान्यता के अनुसार अक्षय नवमी के दिन आंवले के वृक्ष की पूजा होती है। इस दिन आंवला पेड़ के अलावा भगवान विष्णु की भी पूजा की जाती है। अक्षय नवमी के दिन स्नान, पूजा और दान करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। माना जाता है कि भगवान कृष्ण वृंदावन-गोकुल की गलियां छोड़ मथुरा गए थे।
इस दिन उन्होंने अपनी बाल लीलाओं को त्याग कर अपने कर्तव्य के पथ पर कदम रखा था। महिलाएं आंवला वृक्ष की पूजा पूरे विधि विधान के साथ करती हैं। यह पूजा संतान प्राप्ति एवं पारिवारिक सुख समृद्धि के लिए की जाती है। सुबह से ही आंवले के वृक्ष के नीचे महिलाओं ने पूजन शुरू कर दिया।
