वार्ड 6 में भाजपा प्रत्याशी नीलेश अग्रवाल की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले का नाम भी जीत ही है…

The City Report News@Durg
कहते है कि राजनीति में कौन कब किस पर भारी पड़ जाए और कब किसका समय बुलंदियों पर पहुंच जाए यह कहना बहुत मुश्किल होता है कुछ ऐसा ही हाल दुर्ग नगर निगम के चुनाव में देखने को मिला।

आपको बता दे कि दुर्ग नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर 6 से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के राजनीतिक सहपाठी रहे दुर्ग निगम के पूर्व सभापति राजेश यादव एक ऐसे प्रत्याशी से हार गए जो पहली बार चुनावी मैदान में उतरे थे वही ऐसे वार्ड से उनकी हार हुई जहां पिछले 15 सालों से भाजपा प्रत्याशी की जीत नहीं हुई थी।

प्रत्याशी घोषणा के बाद ही अपनी रणनीति पर कार्य करना किया आरंभ….
ऐसे में कांग्रेस प्रत्याशी नगर निगम के पूर्व सभापति राजेश यादव की हार शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। वही इस वार्ड में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी नीलेश अग्रवाल की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले का नाम भी जीत ही है।
भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष जीत हेमचंद यादव ने वार्ड में जिस प्रकार से चुनाव में जीत के लिए रणनीति बनाई और वार्ड के निवासियों को नीलेश अग्रवाल की जीत पर मोहर लगाने के लिए लामबंद किया वह काबिले तारीफ है।
वार्ड नंबर 6 में यादव परिवार की संख्या अग्रवाल परिवार से काफी ज्यादा है परंतु इन सब के बावजूद जीत हेमचंद यादव ने प्रत्याशी घोषणा के बाद ही अपनी रणनीति पर कार्य करना आरंभ कर दिया था।
इस दौरान वार्ड में जीत के लिए महत्तवपूर्ण भूमिका निभाने के साथ साथ जीत यादव अपने प्रभार क्षेत्र धमधा के नगर पालिका चुनाव में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए वहा भी भाजपा की जीत में अहम योगदान दिया।

धमधा नगर पालिक क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी के लिए प्रचार करते युवा भाजपा जिलाध्यक्ष जीत हेमचंद यादव
नीलेश अग्रवाल ने 550 वोट पाकर सभी दिग्गजों को पीछे छोड़ा…
जीत हेमचंद यादव ने वार्ड 06 में नीलेश अग्रवाल के समर्थन में ऐसा माहौल बनाया की पूर्व मुख्यमंत्री के मित्र रहे और जिनके संगठनात्मक रणनीति का लोहा कांग्रेसी भी मानते थे वर्तमान समय में उन कांग्रेस के प्रत्याशी राजेश यादव को ना ही हार का सामना पड़ा करना पड़ा बल्कि उनका इस चुनाव में 432 वोट पाकर तीसरे नंबर पर रहा।
नीलेश अग्रवाल का नजदीकी मुकाबला निर्दलीय प्रत्याशी मनीष यादव के साथ रहा और राजेश यादव परिणाम घोषणा के बाद तीसरे स्थान पर नजर आए।
पर्दे के सामने जीत का सेहरा नीलेश अग्रवाल के सर है परंतु परदे के पीछे इस जीत को सुनिश्चित करने में अहम भूमिका जीत यादव ने निभाई,जीत हेमचंद यादव की रणनीति ने निभाई और 15 सालों बाद एक बार फिर यह वार्ड भारतीय जनता पार्टी के कब्जे में चला गया।
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