तस्वीर में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, मोतीलाल वोरा का हाथ थामे एआईसीसी मुख्यालय, नई दिल्ली में चलते नजर आ रहे हैं…

The City Report News@Durg
सोशल मीडिया पर इन दिनों घिबली स्टाइल का क्रेज छाया हुआ है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से बनाई गई इन कलात्मक तस्वीरों में लोग अपनी पुरानी यादों को एक नई जादुई छवि में ढाल रहे हैं।
अब इस ट्रेंड में कांग्रेस के दिग्गज नेता श्रद्धेय मोतीलाल वोरा की एक घिबली स्टाइल तस्वीर सामने आई है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
तस्वीर में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, मोतीलाल वोरा का हाथ थामे एआईसीसी मुख्यालय, नई दिल्ली में चलते नजर आ रहे हैं। यह मूल तस्वीर वर्ष 2018 की बताई जा रही है, जिसमें कांग्रेस के अन्य दिग्गज नेता अहमद पटेल, अशोक गहलोत और महेंद्र जोशी भी उनके साथ हैं।
इस घिबली स्टाइल तस्वीर ने मोतीलाल वोरा की गरिमा, उनकी सादगी और कांग्रेस पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा को एक कलात्मक रूप में जीवंत कर दिया है।
घिबली स्टाइल क्या है और क्यों हो रहा है ट्रेंड?…

घिबली स्टाइल का नाम जापान के मशहूर स्टूडियो घिबली से लिया गया है, जो अपनी रंग-बिरंगी, जादुई और सूक्ष्म कला से भरपूर एनीमेशन फिल्मों के लिए जाना जाता है।
इसकी फिल्मों में भावनात्मक गहराई, सौम्यता और कला की अद्भुत सुंदरता देखने को मिलती है। हाल ही में एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) उपकरणों के जरिए आम लोगों को भी अपनी तस्वीरों को इसी घिबली स्टाइल में बदलने का अवसर मिल रहा है।
इस ट्रेंड की शुरुआत सोशल मीडिया पर अचानक हुई और अब यह प्रसिद्ध हस्तियों और राजनेताओं तक पहुंच गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घिबली स्टाइल तस्वीरें पहले ही वायरल हो चुकी हैं, और अब कांग्रेस नेताओं की तस्वीरें भी लोगों को पुरानी यादों में ले जा रही हैं।
मोतीलाल वोरा: कांग्रेस की रीढ़, सादगी और समर्पण के प्रतीक…
मोतीलाल वोरा केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि कांग्रेस की विचारधारा के संरक्षक और संगठन की आत्मा थे। वे मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, राज्यपाल, और कांग्रेस पार्टी के कोषाध्यक्ष जैसे अहम पदों पर रहे।
उनकी रणनीतिक क्षमता और संगठन पर गहरी पकड़ ने उन्हें कांग्रेस पार्टी का अभिभावक बना दिया था।
कांग्रेस में उनकी भूमिका सिर्फ एक प्रशासक तक सीमित नहीं थी, बल्कि वे संयम, धैर्य और कुशल नेतृत्व का जीवंत उदाहरण थे। पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए वे हमेशा एक प्रेरणास्रोत रहे, और उन्होंने कांग्रेस की मजबूती के लिए अपने अंतिम क्षणों तक योगदान दिया।
घिबली स्टाइल में पुरानी यादों का संजीदा स्पर्श…
इस घिबली स्टाइल तस्वीर को कांग्रेस के एक समर्थक ने सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसने हजारों लोगों को पुरानी यादों में लौटा दिया।
तस्वीर पर पसंद (लाइक्स) और टिप्पणियों (कमेंट्स) की बाढ़ आ गई है, जहां लोग उनके योगदान को याद कर रहे हैं और उन्हें “कांग्रेस की रीढ़”, “संगठन के सच्चे संरक्षक” जैसे शब्दों से नवाज रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह तस्वीर कांग्रेस पार्टी के उस दौर की झलक देती है, जब मोतीलाल वोरा जैसे अनुभवी नेता संगठन को संयम और धैर्य से आगे बढ़ा रहे थे।
आज भी कांग्रेस पार्टी में उनकी कमी महसूस की जाती है, और यह घिबली स्टाइल तस्वीर मानो उनकी राजनीतिक विरासत को फिर से जीवंत कर रही है।
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