युक्तियुक्तकरण में विभागीय हठधर्मिता के चलते संभाग के सैकडों शिक्षक हुए परेशान…
जिला से अंसतुष्ट पीड़ित शिक्षको ने लगाई संभाग में न्याय की गुहार…
शालेय शिक्षक संघ की मांग, अपील पर विचार कर विभाग को मिला है अपनी गलती सुधारने का मौका…

The City Report News@Durg
युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने कई गंभीर त्रुटियाँ की है,दावा आपत्ति नही लिए जाने के कारण प्रदेश के हजारों शिक्षक विभागीय गलतियों के चलते स्थानांतरण का दंश झेल रहे हैं।
संगठनों के चौतरफा विरोध के कारण शासन को मजबूरन अब जिला से राज्य तक असंतुष्ट शिक्षको को अपील करने हेतु समय दिया है। शिक्षकों के द्वारा अब जब अपील कर रहे हैं तो विभागीय त्रुटियों की परतें खुलने लगी है।
शालेय शिक्षक संघ की मांग, अपील पर विचार कर विभाग को मिला है अपनी गलती सुधारने का मौका…
ऐसा ही एक मामला शालेय शिक्षक संघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष चन्द्रशेखर तिवारी ने प्रकाश में लाते हुए बताया कि श्रीमती गीता बारमासे शिक्षक एलबी संवर्ग, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला ननकट्ठी, विकास खंड एवं जिला दुर्ग द्वारा संघठन को अवगत कराया है कि युक्तियुक्तकरण में शाला से अतिशेष निकालने की प्रक्रिया में भेदभाव करते हुए उनके आवेदनों में निष्पक्ष जांच नहीं किया गया हैं।
तत् संबंध में संघठन से न्याय दिलाने की गुहार की है। शालेय शिक्षक संघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष एवं जिला प्रमुख दुर्ग चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि
संघठन द्वारा आवेदित आवेदन के आधार पर उल्लेखित तथ्यों का परीक्षण किया गया हैं जिसमें निम्न तथ्य प्रमाणित होता है…

1.शिक्षिका श्रीमती गीता बारमासे का विषय कला है कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी,जिला दुर्ग के पत्र क्रमांक/7903/यु.यु.क/146/2025 दुर्ग दिनांक 31/05/2025 में हिंदी विषय के अतिशेष शिक्षकों में सरल क्रमांक 13 में आवेदिका का नाम अंकित हैं।
दिनांक 02/07/2025 को माननीय जिलाधीश महोदय दुर्ग से संघ की बैठक हुई, उनके निर्देश पर पीड़ित पक्ष का दावा आपत्ति भी लिया गया।
परंतु दावा आपत्ति के समस्त विषयों का दिनांक 06/06/2025 तक शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी द्वारा निराकरण न करते हुए,केवल विषय में अपनी ग़लती स्वीकार करते हुए हिंदी की जगह कला किया गया।
जिला से अंसतुष्ट पीड़ित शिक्षको ने लगाई संभाग में न्याय की गुहार…
कला विषय मे संस्था में कनिष्ठ कर संभाग स्तरीय काउंसलिंग दिनांक 07/06/2025 में शामिल होने का निर्देश संकुल के माध्यम से देर शाम को 6 तारीख को दिया।
2 शिक्षिका श्रीमती गीता बारमासे अपनी शाला में कला विषय में वरिष्ठ हैं अतिशेष शिक्षकों के चिन्हांकन हेतु राज्य से जारी स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देश दिनांक 02/08/2024 के सात B पूर्व माध्यमिक शाला के बिंदु 4 अनुसार शाला में पदस्थ/कार्यभार ग्रहण दिनांक के आधार पर एक ही विषय के दो शिक्षक में से कनिष्ठतम को अतिशेष माना जायेगा स्पष्ट हैं।
कार्यभार ग्रहण दिनांक एक ही होने पर…
1.पूर्वाहन/अपराह्न देखते हैं। 2.जन्मतिथि देखते हैं। 3.नियुक्ति/पदोन्नति तिथि देखते हैं।
छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश के आधार पर ही, प्रदेश में युक्तियुक्तकरण की जितनी बार प्रक्रिया की गई उनमें उपरोक्त क्रम का अनुसरण करके ही शिक्षकों का चिन्हांकन किया गया हैं।
वर्ष 2025 में भी विकास खंडों, जिलों में इसका पालन किये हैं। शिक्षिका गीता बारमासे और पार्वती श्रीवास्तव कला विषय के शिक्षक हैं।
दोनों ने दिनांक 11/09/2009 को शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला ननकट्ठी,दुर्ग में कार्यभार ग्रहण किया।
1.शिक्षिका गीता बारमासे ने पूर्वाह्न तथा शिक्षिका पार्वती श्रीवास्तव ने अपराह्न में कार्यभार ग्रहण किया हैं।
2.शिक्षिका गीता बारमासे का जन्मतिथि 30/12/1969 तथा शिक्षिका पार्वती श्रीवास्तव का 13/06/1973 है।
3.शिक्षक पद में पदोन्नति गीता बारमासे का 20/02/2006 है, शिक्षक पद में नियुक्ति पार्वती श्रीवास्तव का 09/02/2007 है।
पहिली स्थिति से ही स्पष्ट हो जाता हैं शिक्षिका गीता बारमासे अपनी संस्था में कला विषय में वरिष्ठ हैं।शेष दोनों स्थिति में भी वो ही वरिष्ठ हैं।
3.शिक्षिका गीता बारमासे द्वारा जिला स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति,दुर्ग में प्रस्तुत अभ्यावेदन दिनांक 11/07/2025 का निर्णय अभ्यावेदन अनुरूप न होना
विकास खंड शिक्षा विभाग दुर्ग तथा जिला शिक्षा विभाग दुर्ग द्वारा संभाग स्तरीय वरिष्ठता को आधार बनाकर शिक्षिका गीता बारमासे को अतिशेष की श्रेणी में होना बताया जा रहा था जो सर्वथा अनुचित हैं।
क्योंकि शिक्षा विभाग ये भली-भांति जानता हैं कि शिक्षकों की वरिष्ठता सूची में व्यापक त्रुटियां हैं जिसका निराकरण आज पर्यंत तक नहीं किया जा सका हैं।
युक्तियुक्तकरण में विभागीय हठधर्मिता के चलते संभाग के सैकडों शिक्षक हुए परेशान…
इसी कारण स्कूलों से अतिशेष शिक्षकों का चिन्हांकन करने के लिए वरिष्ठता सूची को आधार मानें इस प्रकार का आदेश, निर्देश जारी नहीं किया गया हैं।
गत वर्षों में दुर्ग जिले के शिक्षकों की जो पदोन्नति करके पदस्थापना जारी की गई थी,उनमें से बहुत से कनिष्ठ शिक्षकों की पदोन्नति को कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात भी निरस्त किया गया था। शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी इसके साक्षी है।
दिनांक 02/06/2025 से दिनांक 06/06/2025 तक संबंधित पीड़ित पक्ष के लिए 15 मिनट समय निकालकर उनके आवेदन तथा कार्यालयीन जानकारी यथा सेवा पुस्तिका में बिना भेद भाव के विकास खंड दुर्ग एवं जिला शिक्षा विभाग दुर्ग के अधिकारी कर्मचारी जांच किए होते तो उन्हें यह भी पता चलता कि दुर्ग जिले में शिक्षिका गीता बारमासे 28/11/2007 तथा शिक्षिका पार्वती श्रीवास्तव 28/07/2008 से वरिष्ठता मिली हैं क्योंकि दोनों स्थानान्तरण से दुर्ग जिले में आए हैं।
शिक्षिका गीता बारमासे को सबसे पहले अपनी संस्था से हिंदी विषय में रखकर अतिशेष किया गया, हिन्दी विषय में शिक्षिका पूनम परिहार को वरिष्ठ माना गया जबकि उनका भी कार्यभार ग्रहण दोनों शिक्षिका के समान 11/09/2009 ही था।शिक्षिका पूनम परिहार का जन्मतिथि 04/04//1979, नियुक्ति तिथि 20/06/2005 है।
संभाग स्तरीय वरिष्ठता क्रमांक 1886 हैं।शिक्षिका गीता बारमासे को किसी भी तरह से शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के द्वारा अतिशेष बनाना ही था इस कारण यहां नियुक्ति तिथि को आधार बनाया गया।
क्योंकि गीता बारमासे का संभाग स्तरीय वरिष्ठता क्रमांक 1279 हैं। शिक्षिका पूनम परिहार केवल नियुक्ति तिथि में ही वरिष्ठ थी
शालेय शिक्षक संघ को शिक्षिका गीता बारमासे के साथ भेदभाव और उनके प्रकरण में निष्पक्ष जांच न होना प्रतीत हो रहा हैं।
शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी द्वारा दुर्भावनावश कार्य किया जाकर अतिशेष की श्रेणी में लाकर शिक्षिका कों मानसिक, शारीरिक,आर्थिक रूप से परेशान किया गया है जो न्याय संगत नहीं हैं।
संघ ने मांग किया है कि श्रीमती गीता बारमासे के प्रकरण की त्वरित जांच किया जावें और जांच में शिक्षिका के साथ भेदभाव साबित होने पर शिक्षा विभाग के दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार ठोस कार्यवाही की जावें ताकि इस प्रकार की स्थिति भविष्य में निर्मित न हों।
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