
The City Report News@durg
नवीन शासकीय संगीत महाविद्यालय में शिक्षक दिवस का आयोजन किया गया इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षकों का विद्यार्थियों द्वारा सम्मान किया गया।

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ ऋचा ठाकुर ने इस अवसर पर कहा कि महाविद्यालय वर्तमान में बहुत ही सीमित संसाधनों में कार्य कर रहा है।
विद्यार्थियों में कला के प्रति जो रुझान और कौशल दिखाई देता है…
लेकिन यहां के विद्यार्थियों में कला के प्रति जो रुझान और कौशल दिखाई देता है वह निश्चित तौर पर आगे आने वाले समय में न सिर्फ दुर्ग में बल्कि पूरे राष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम रोशन करेगा।

प्रदर्शनात्मक कलाओं में आवश्यकता है तो धैर्य विनम्रता और अनुशासन की…
संगीत के अतिथि प्राध्यापक डॉ बाबूलाल सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा की संगीत जैसे विषय को गहराई से अध्ययन की आवश्यकता है हमें इसे बहुत समय देकर के सीखना है, निरंतर अभ्यास करना है।

वही हिंदी की अतिथि प्राध्यापक डॉक्टर निधि वर्मा ने कहा की मैं हिंदी की विद्यार्थी हूं लेकिन संगीत महाविद्यालय में पदस्थ होने के कारण मैं इन कला अनुरागियों से भी बहुत कुछ सीखने का प्रयास कर रही हूं।
महाविद्यालय को इसी अनुशासन के साथ बहुत ऊंचाइयों पर लेकर जाना है…
महाविद्यालय के कार्यालय प्रमुख यशवंत साहू ने कहा की हमें महाविद्यालय को इसी अनुशासन के साथ बहुत ऊंचाइयों पर लेकर जाना है।
शिक्षक दिवस के अवसर पर सर्वप्रथम मां सरस्वती का माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन किया गया साथ में रागिनी वंदना ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, वही सुमन, रागिनी, वंदना, सुरेश, विवेक, सीमा ने गुरु वंदना की सुमधुर प्रस्तुति की।
इनके साथ माधव सिन्हा ने हारमोनियम एवं डॉ बाबूलाल सिंह जी ने तबले पर संगति की।
कुमारी डॉली देवांगन ने बहुत ही सुंदर वंदना की प्रस्तुति दी राजेंद्र कुमार गुप्ता ने काव्य पाठ किया इस अवसर पर सभी शिक्षकों का शाल और श्रीफल के साथ सम्मान किया गया।
कार्यक्रम का सफल संचालन रामचंद्र घोष ने किया एवं आभार प्रदर्शन राजेंद्र कुमार गुप्ता ने किया कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं ने सदाबहार नगमे की प्रस्तुति दी।
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