कलेक्टर ने अर्हता तिथि 01.01.2026 के संदर्भ में निर्वाचक नामावलियों का एसआईआर संबंधी कार्यक्रम की जानकारी दी…
The City Report News@Bhilai-Durg
दुर्ग कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अभिजीत सिंह ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की प्रेस वार्ता लेकर निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण की जानकारी दी।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री सिंह ने अवगत कराया कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त, नई दिल्ली द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में अर्हता तिथि 01.01.2026 के संदर्भ में निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण संबंधी कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई है।
जिसके अनुसार मुद्रण/प्रशिक्षण 28 अक्टूबर से 03 नवंबर 2025 का कार्य, 04 नवबंर से 04 दिसंबर 2025 तक घर-घर जाकर गणना का चरण होगा।
09 दिसंबर 2025 को मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन, 09 दिसंबर 2025 से 08 जनवरी 2026 तक दावा आपत्ति की कार्यवाही साथ ही 09 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक नोटिस चरण (सुनवाई और सत्यापन) रहेगा तथा 07 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा।
विधानसभावार निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी किए गए नियुक्त…

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री सिंह ने कहा नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराने का मुख्य उद्देश्य है कि कोई अवैध नागरिक न जुड़े एवं भारत के वैध नागरिक न छूटें, जिससे मतदाता सूची शुद्ध रहे।
एसआईआर के तहत मृत एवं अन्यत्र निवासरत व्यक्तियों का नाम फार्म-7 भरकर मतदाता सूची से हटाया जाएगा तथा अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 की स्थिति में नए मतदाताओं का नाम फार्म-6 भरकर दर्ज करने की कार्यवाही की जा सकेगी।
साथ ही मतदाता सूची में त्रुटि सुधार हेतु फार्म-8 का उपयोग कर, मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाया जा सकेगा। उन्होंने कहा इससे पूर्व में वर्ष 2003 में निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम किया गया था।
आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार जिले में निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य 28 अक्टूबर 2025 से प्रारंभ कर निर्वाचक नामावली के अंतिम प्रकाशन 07 फरवरी, 2026 तक किया जाएगा।
एसआईआर में बीएलओ की होगी महत्वपूर्ण भूमिका, घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराएं बीएलओ- कलेक्टर श्री सिंह…
कलेक्टर श्री सिंह ने अवगत कराया 31 अक्टूबर 2025 की स्थिति में जिले में कुल 06 पूर्ण एवं 02 आंशिक विधानसभा क्षेत्र है। तथा कुल 1520 मतदान केन्द्र (युक्तियुक्तकरण उपरांत 222 नए मतदान केन्द्रों पर भारत निर्वाचन आयोग का अनुमोदन प्राप्त) है।
जिनमें 718777 पुरूष मतदाता, 733677 महिला मतदाता एवं 55 अन्य मतदाता इस प्रकार कुल 1452509 मतदाता है। वहीं वर्ष 2003 में विधानसभा क्षेत्र की संख्या 11 थी।
जिनमें कुल 1949 मतदान केन्द्र थे। जिनमें पुरूष मतदाताओं की संख्या 950318, महिला मतदाताओं की संख्या 926286, इस प्रकार कुल मतदाताओं की संख्या 1876604 थी।
वहीं वर्ष 2003 के मतदाताओं की जानकारी के सापेक्ष में वर्तमान विधानसभावार स्थिति के अनुसार 06 पूर्ण एवं 02 आंशिक विधानसभा क्षेत्रों में मतदान केन्द्रों की कुल संख्या 975 है, जिनमें 505595 पुरूष मतदाता, 473476 महिला मतदाता, इस प्रकार कुल 979071 मतदाता शामिल है।
04 नवंबर से 04 दिसंबर तक घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ, 07 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची का होगा प्रकाशन…
कलेक्टर श्री सिंह ने अवगत कराया कि वर्तमान विधानसभा क्षेत्रों में नामावलियों में अनुमोदित नये मतदान केन्द्रों की संख्या 222 है। जिससे नामावलियों उपरांत कुल मतदान केन्द्रों की संख्या 1520 से बढ़कर 1742 हो गयी है।
वर्तमान में राज्य में सम्पन्न कराए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण में जिले अंतर्गत मतदाता केंद्रों के लिए बूथ लेवल अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
उन्होंने कहा बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र (ईन्यूमरेशन फार्म) उपलब्ध कराएंगे एवं उनसे गणना प्रपत्र भरवाकर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
विशेष गहन पुनरीक्षण हेतु जिले में राजनीतिक दलों द्वारा बूथ लेवल एजेंट की नियुक्ति की गई है। मतदाता जागरूकता हेतु विशेष प्रचार-प्रसार किये जाएंगे। जिसमें बीएलओ के सहयोग और जिले के सभी मतदाताओं की सहभागिता अपेक्षित है।
निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य 28 अक्टूबर से प्रारंभ…
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा किये जाने वाले कार्य की चर्चा करते हुए कहा, प्रावधानों के अनुसार निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी 27 अक्टूबर 2025 की स्थिति में पंजीकृत प्रत्येक मतदाता के लिये गणना प्रपत्र प्रिंट कर बूथ लेवल अधिकारियों को प्रदाय करेंगे।
गणना प्रपत्र में समस्त आवश्यक जानकारी पूर्व से प्रिंटेड फार्म में रहेगी। बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा मतदाताओं से संकलन किये गये गणना प्रपत्र के माध्यम से मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की कार्यवाही करेगा।
ऐसे समस्त मतदाता जिनका नाम पिछले पुनरीक्षण 2003 की मतदाता सूची से मैच/लिंक नहीं होगा अथवा जिनका इन्युमरेशन फार्म प्राप्त नहीं होगा उन्हे ईआरओ द्वारा नोटिस जारी किया जाएगा।
ईआरओ द्वारा साप्ताहिक प्राप्त दावे आपत्तियों की सूची सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाएगी…
नोटिस जारी किये गये मतदाताओं की सुनवाई कर उनकी मतदाता सूची में पात्रता/अयोग्यता के बारे में परीक्षण कर मतदाता सूची में नाम दर्ज करने अथवा नहीं करने के संबंध में निर्णय लेंगे।
उन्होंने कहा ईआरओ द्वारा साप्ताहिक प्राप्त दावे आपत्तियों की सूची सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाएगी। ईआरओ/एईआरओ यह सुनिश्चित करेंगें कि कोई पात्र नागरिक मतदाता पंजीयन से न छुटे तथा कोई अपात्र व्यक्ति का मतदाता पंजीयन न हो।
इसी क्रम में कलेक्टर श्री सिंह ने बूथ लेवल अधिकारी द्वारा किये जाने वाले कार्यों की चर्चा करते हुए कहा कि बूथ लेवल अधिकारी द्वारा गणना प्रपत्र सभी मतदाताओं को वितरित किये जायेंगे।
मतदाताओं का नाम ढूंढने के लिये पोर्टल voters.eci.gov.in का उपयोग किया जा सकेगा…
बूथ लेवल अधिकारी के द्वारा मतदाताओं को पूर्व गहन पुनरीक्षण वर्ष 2003 उपरांत प्रकाशित सूची से स्वयं के नाम से अथवा उनके रिश्तेदार के नाम से मिलान करने में सहयोग करेंगे।
मतदाताओं का नाम ढूंढने के लिये पोर्टल voters.eci.gov.in का उपयोग किया जा सकेगा जिसमें मतदाता का नाम 2003 में भारत के जिस भी राज्य में होगा यह ढूंढ सकेंगे।
बूथ लेवल अधिकारी के द्वारा नये मतदाताओं को जोडने के लिये फार्म 6 घोषणा पत्र का संकलन किया जायेगा तथा मतदाताओं को 2003 की मतदाता सूची से लिंकिंग में सहयोग करेंगे।
बूध लेवल अधिकारी मतदाताओं का गणना प्रपत्र भरने में सहयोग करेंगे तथा संकलन कर ईआरओ/एईआरओ को जमा करेंगे।
बूथ लेबल एजेंट का सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कार्यालय के स्तर पर प्रशिक्षण का आयोजन किया जायेगा…
कलेक्टर ने बताया कि राजनीतिक दलों के द्वारा प्रत्येक मतदान केन्द्रों के लिये बूथ लेवल एजेंट की नियुक्ति की जानी है। सभी नियुक्त बूथ लेबल एजेंट का सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कार्यालय के स्तर पर प्रशिक्षण का आयोजन किया जायेगा।
बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) एक दिन में 50 गणना प्रपत्र का सत्यापन कर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) को जमा करना सुनिश्चित करेंगे।
कलेक्टर श्री सिंह ने मतदाता सूची के प्रारंभिक प्रकाशन के बारे में अवगत कराया कि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन किया जायेगा।
कोई मतदाता नियत समयावधि में गणना प्रपत्र भरकर नहीं जमा कर पाता है…
जिसमें समस्त मतदाता सम्मिलित होंगे जिनका गणना प्रपत्र प्राप्त हुआ होगा। मृत/पलायित/अनुपस्थित डूप्लीकेट मतदाता की सूची जिले की सीईओ वेबसाईट तथा कार्यालयों में प्रदर्शित की जायेगी।
मतदाता अथवा बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) दावा तथा आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई मतदाता नियत समयावधि में गणना प्रपत्र भरकर नहीं जमा कर पाता है तो वह दावा आपत्ति अवधि के दौरान फार्म-6 तथा अतिरिक्त घोषणा-पत्र भरकर भी अपना नाम जुड़वा सकता है।
ईआरओ के द्वारा आगामी 01 अप्रैल 2026, 01 जुलाई 2026 एवं 01 अक्टूबर 2026 की तिथि को अर्हता प्राप्त करने वाले मतदाताओं के भी आवेदन एडवान्स में प्राप्त कर लिए जाएंगे।
मतदाता सूची में किसी प्रविष्टि में संशोधन हेतु या त्रुटि सुधार हेतु, दिव्यांग के रूप में मार्किंग हेतु फार्म-8 में आवेदन संबंधित मतदाता द्वारा किया जाएगा…
ऐसे व्यक्ति एडवांस में अपने आवेदन फार्म-6 तथा अतिरिक्त घोषणा-पत्र भरकर बीएलओ के माध्यम से ईआरओ के पास जमा कर दें।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री सिंह ने कहा जिन व्यक्तियों की अर्हता संदेहजनक होगी (दस्तावेजों के अभाव में) उनको ईआरओ द्वारा नोटिस जारी किया जाएगा। तदुपरांत उनका पक्ष सुनकर अंतिम आदेश ईआरओ द्वारा किया जाएगा।
विधानसभा क्षेत्र के भीतर ही निवास/मतदान केन्द्र परिवर्तन हेतु अथवा मतदाता सूची में किसी प्रविष्टि में संशोधन हेतु या त्रुटि सुधार हेतु, दिव्यांग के रूप में मार्किंग हेतु फार्म-8 में आवेदन संबंधित मतदाता द्वारा किया जाएगा।
उसके साथ भी अतिरिक्त घोषणा-पत्र देना अनिवार्य होगा। ईआरओ द्वारा प्राप्त दावा आपत्तियों की सूची नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की जाएगी तथा प्रति सप्ताह प्राप्त दावा-आपत्तियों की सूची को राजनीतिक दलों के साथ भी शेयर किया जाएगा।
प्रत्येक मतदान केन्द्र के लिये एनएसएस, एनसीसी, आजीविका दीदी, किसान मित्र, सचिव, मितानिन, हेल्थवर्कर को बनाया जायेगा…
कलेक्टर श्री सिंह ने मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन के संबंध में कहा कि सभी प्रकार की दावा आपत्तियों के निराकरण के पश्चात मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 07 फरवरी 2026 (शनिवार) को किया जायेगा तथा राजनीतिक दलों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
जिले में मतदाताओं के सहयोग हेतु प्रत्येक मतदान केन्द्र के लिये एनएसएस, एनसीसी, आजीविका दीदी, किसान मित्र, सचिव, मितानिन, हेल्थवर्कर को बनाया जायेगा।
उन्होंने अवगत कराया कि जिला मुख्यालय में कन्ट्रोल रूम हेल्प डेस्क की स्थापना की गयी है। जिसका संपर्क नम्बर 1950 है। किसी भी प्रकार की सहायता के लिये नागरिक उक्त नम्बर पर संपर्क कर सकते है।
तहसील में कन्ट्रोल रूम की स्थापना की जा रही है जिनका संपर्क नम्बर शीघ्र प्रकाशित कर सूचित किया जायेगा…
इनके अतिरिक्त भी सभी तहसील में कन्ट्रोल रूम की स्थापना की जा रही है जिनका संपर्क नम्बर शीघ्र प्रकाशित कर सूचित किया जायेगा। ईआरओ के निर्णय के विरूद्ध जिला निर्वाचन अधिकारी को अपील की जा सकेगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्णय के विरूद्ध द्वितीय अपील मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ रायपुर को की जा सकेगी। नोटिस प्राप्त होने पर मतदाता को 13 श्रेणियों के अनुसार आवश्यक दस्तावेज जमा करने आदि के संबंध में अवगत कराया गया।
ज्ञात हो कि विधानसभा क्र. 62 पाटन हेतु निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (रा.) पाटन लवकेश ध्रुव होंगे। इसी प्रकार विधानसभा क्र. 63 दुर्ग ग्रामीण हेतु निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (रा.) दुर्ग हरवंश सिंह मिरी,
विधानसभा क्र. 64 दुर्ग शहर हेतु अपर कलेक्टर दुर्ग अभिषेक अग्रवाल, विधानसभा क्र. 65 भिलाई नगर हेतु अपर कलेक्टर दुर्ग योगिता देवांगन, विधानसभा क्र. 66 वैशाली नगर हेतु संयुक्त कलेक्टर सिल्ली थॉसम तथा विस क्र. 67 अहिवारा हेतु निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण
अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी धमधा श्री सोनाल डेविड को नियुक्त किया गया है। कलेक्टर श्री सिंह ने मीडिया प्रतिनिधियों के शंकाओं का समाधान भी किया।
प्रेसवार्ता के दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी अपर कलेक्टर वीरेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर योगिता देवांगन, एसडीएम भिलाई हितेश पिस्दा एवं एसडीएम दुर्ग शहर उत्तम ध्रुव तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जिला प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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