
The City Report News@Bhilai-Durg
बुधवार को नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हरियाणा विधानसभा चुनावों में बड़े पैमाने पर हुई कथित वोट धांधली के सबूत पेश किए।
कांग्रेस की रिसर्च टीम ने महीनों तक मतदाता सूची का बूथ-वार विश्लेषण किया, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरुण वोरा ने राहुल गांधी के आरोपों का समर्थन करते हुए कहा,
> “देश के लोकतंत्र में चुनाव की निष्पक्षता सर्वोपरि है। चुनाव आयोग को राहुल गांधी जी द्वारा उठाए गए हर बिंदु का जवाब सार्वजनिक रूप से देना चाहिए और डिजिटल वोटर-रोल उपलब्ध कराना चाहिए।
वोरा ने आगे कहा कि जब एक लोकतांत्रिक देश में मतदाता का विश्वास ही हिल जाए, तो यह केवल एक राज्य की समस्या नहीं रहती, बल्कि राष्ट्रीय संकट बन जाती है। उन्होंने कहा
“राहुल गांधी जी ने जो दस्तावेज़ पेश किए हैं, वे किसी बयानबाज़ी पर नहीं, बल्कि चुनाव आयोग के वास्तविक डेटा पर आधारित हैं।
यह भारतीय लोकतंत्र की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।हर नागरिक को यह समझना चाहिए कि किसी भी राज्य में यदि 3-4% वोट भी फर्जी या डिलीटेड हों,तो परिणाम पूरी तरह बदल सकता है।
राहुल गांधी का यह बयान केवल विपक्ष की शिकायत नहीं, बल्कि लोकतंत्र के भविष्य को लेकर गंभीर चेतावनी है।
वोरा ने कहा कि राहुल गांधी के खुलासे सिर्फ हरियाणा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने को झकझोरने वाले हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि साल 2023 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में भी बड़े पैमाने पर साज़िश के तहत वोटों की धांधली की गई, जिसके कारण कांग्रेस को सत्ता से बाहर होना पड़ा।
वोरा ने आगे कहा —
> “यही पैटर्न हमने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी देखा है — जहाँ संगठित रूप से वोटों की हेराफेरी कर परिणाम को मोड़ा गया। और अब यही सिलसिला बिहार में भी दोहराया जा रहा है।”
उन्होंने बताया कि बिहार में बड़ी संख्या में ऐसे मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं जो पूरी तरह जीवित और सक्रिय हैं,राहुल गांधी जी ने स्वयं मंच पर कुछ ऐसे बिहार के मतदाताओं को बुलाकर यह प्रमाण भी प्रस्तुत किया।
SIR प्रक्रिया के माध्यम से लाखों नागरिकों के मताधिकार खत्म किए गए और विपक्ष की आपत्तियों को नज़रअंदाज़ कर दिया गया। अब यही प्रक्रिया राजस्थान समेत अन्य राज्यों में लागू की जा रही है — ताकि कमजोर वर्गों और विपक्षी मतदाताओं को व्यवस्थित रूप से बाहर किया जा सके।
वोरा ने कहा कि हरियाणा में कांग्रेस कुल 22,000 वोटों से हारी, जबकि 25 लाख वोटों की धांधली का आरोप राहुल गांधी ने साक्ष्यों के साथ लगाया है
“अगर यह वोट गिने गए होते, तो परिणाम साफ था — कांग्रेस की सरकार बनती,” उन्होंने जोड़ा।चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं का राजनीतिकरण हो चुका है।ईडी, सीबीआई, इनकम
टैक्स जैसी एजेंसियों को विपक्ष के खिलाफ इस्तेमाल किया जा रहा है।लोकसभा चुनावों से पहले कांग्रेस के बैंक खातों को फ्रीज़ करना और इलेक्टोरल बॉन्ड्स के ज़रिए हज़ारों करोड़ का चंदा जुटाना- लोकतंत्र पर सीधा आघात है।
वोरा ने ये भी बताया कि…कांग्रेस के अलावा, 50 से अधिक स्वतंत्र पत्रकारों और मीडिया संगठनों ने भी इस विषय पर जांच की है।
इन सभी रिपोर्टों में मतदाता सूचियों में गड़बड़ियों की पुष्टि की गई है, पर चुनाव आयोग ने अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है।
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