बघेरा में शिविर 21 से, प्रो. ईवी गिरीश लोगों को तनावमुक्त रहने देंगे टिप्स…

The City Report News@Durg
वाह जिंदगी वाह के स्थान पर मानव का जीवन हाय-हाय में बदल गया है। इस परिवेश में तनाव, संबंधों में कटुता और स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ना स्वभाविक है।
इसका समाधान हो सकता है। इसके लिए हमें अध्यात्म के माध्यम से स्वयं को जानना होगा। आत्मबल को जगाना होगा और छोटी-छोटी अच्छी बातों को जीवन में उतारना होगा।
जिससे तनावमुक्त, संबंधों में मधुरता और बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
प्रथम सत्र सुबह 8 बजे से सुबह 9 बजे तक और द्वितीय सत्र संध्या 7 बजे से रात्रि 8 बजे तक चलेगा…
यह बातें अंतर्राष्ट्रीय ट्र्रेनर व मोटिवेशनल स्पीकर प्रो. ईवी गिरीश ने शुक्रवार को प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय आनंद सरोवर बघेरा में मीडिया से चर्चा में कही।
प्रो. गिरीश मुंबई से आनंद सरोवर बघेरा दुर्ग पधारे है। वे यहां 21 से 25 दिसंबर तक आयोजित वाह जिंदगी वाह शिविर के माध्यम से तनावमुक्त जीवन, संबंधों में मधुरता, स्वास्थ्य आपके हाथों मे परम सत्ता का ज्ञान और राजयोग मेडिटेशन को लेकर लोगों का मार्गदर्शन करेंगे।
यह शिविर प्रतिदिन दो सत्रों में आयोजित होगा। प्रथम सत्र सुबह 8 बजे से सुबह 9 बजे तक और द्वितीय सत्र संध्या 7 बजे से रात्रि 8 बजे तक चलेगा।
5 दिवसीय वाह जिंदगी वाह शिविर में कोई प्रवचन नहीं होगा, न ही कथा सुनाई जाएगी…
मीडिया से चर्चा के दौरान प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय आनंद सरोवर बघेरा की संचालिका रीटा बहन भी मौजूद रही।
चर्चा में अंतर्राष्ट्रीय ट्रेनर व मोटिवेशनल स्पीकर प्रो. ईवी गिरीश ने कहा कि 5 दिवसीय वाह जिंदगी वाह शिविर में कोई प्रवचन नहीं होगा, न ही कथा सुनाई जाएगी।
लोग खुशियों की खोज में तनावग्रस्त हो रहे है। संबंधो में मधुरता का अभाव बढ़ता जा रहा है। जिसका कहीं न कहीं स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।
शिविर में साइंटिफिक व साईकोलॉजी से जुड़ी बातों पर विशेष फोकस रहेगा…
वर्तमान समय में यह हर व्यक्ति के जीवन की कथा बन गई है। इन सारे विषयों का निवारण व समाधान वाह जिंदगी वाह शिविर का मुख्य उद्देश्य है।
शिविर में साइंटिफिक व साईकोलॉजी से जुड़ी बातों पर विशेष फोकस रहेगा। साथ ही छोटी-छोटी अच्छी बातों को आत्मसात कर वर्तमान में हर व्यक्ति के लिए बड़ी चुनौती बनी इन विषयों के समाधान का प्रयास किया जाएगा।
बता दें कि प्रोफेसर ईवी गिरीश को राजयोग ध्यान विधियों का 30 वर्षों का अभ्यास, ईश्वर प्रदत बुद्धिमत्ता तथा आध्यात्मिकता से प्राप्त अंतर्दृष्टि, तीनों के अनूठे समन्वय से अनेक आत्माओं को व्यक्तिगत एवं जीवन में सामंजस्य बनाकर बेहतर जीवनशैली अपनाने की कला सिखाने में महारत रखते है।
उन्होने देश के नामचीन संस्थाओं जैसे इसरो, नाबार्ड, भारतीय सेना-आसाम राइफल्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा इंस्टीट्युट स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, विभिन्न यूनिवर्सिटीज़, आईआईएम जैसे अनेक संस्थाओं में अलग-अलग विषयों पर व्याख्यान दिए हैं।
बघेरा दुर्ग में वाह जिंदगी वाह शिविर में उनके व्याख्यान को लेकर लोगों में उत्साह का माहौल है। शिविर में प्रवेश पूर्णत: नि:शुल्क रहेगा, किन्तु रजिस्ट्रेशन आवश्यक है। क्यूआर कोड के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है।
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