भाजपा नेता के खेत में अफ़ीम की खेती,जांच में जुटी पुलिस…

THE CITY REPORT NEWS@DURG/BHILAI/RAIPUR
दुर्ग जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहा दुर्ग से लगे गांव समोदा में शिवनाथ नदी किनारे लगभग 7 एकड़ में मक्के की खेती की आड़ में अफीम की खेती की जा रही थी जिसकी सूचना मिलते ही दुर्ग पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और देखते देखते जिला प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंच गई।
इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दुर्ग मणिशंकर ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मौके पर छापेमारी की जहां लहलहाती अफीम की फसल मक्का या अन्य फसलों के बीच छिपाकर उगाई जा रही थी। यह दुर्ग जिले समेत प्रदेश में पहली बार इतने बड़े स्तर पर अफीम की अवैध खेती का मामला सामने आया है। इस दौरान दुर्ग रेंज आईजी अभिषेक सांडिल्य और एएसपी मणि शंकर चंद्रा खुद मौके पर पहुंचे और ऑपरेशन की कमान संभाली।
दुर्ग पुलिस ने संदिग्ध को हिरासत में लेकर की पूछताछ…
इस मामले में पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया और अन्य आरोपियों की तलाश तेज की गई। आपको बता दे छत्तीसगढ़ प्रदेश की पहली सबसे बड़ी यह मामला सामने आया जिसमे नशे के कारोबारियों ने बड़ी मात्रा में अफीम की खेती कर मुनाफ़ा कमा रहे थे।
दुर्ग पुलिस ने किया अवैध अफ़ीम की खेती का भंडाफोड़…

दुर्ग जिले में अवैध अफीम की खेती का बड़ा भंडाफोड़ हुआ है। पुलगांव थाना क्षेत्र के समोदा, झेनझरी और सिरसा गांव के बीच एक खेत में मक्के की फसल की आड़ में अफीम की खेती की जा रही थी। इस पूरे नशे के कारोबार का भंडाफोड़ करते हुए दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर दबिश दी और जांच के दौरान करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल जमीन में लगे अफीम के पौधे जप्त किए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 8 करोड़ रुपये आंकी गई है।
इस कार्रवाई में पुलिस, NCB, FSL, आबकारी और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम शामिल रही। जांच के दौरान निष्काषित भाजपा नेता विनायक ताम्रकार, विकास बिश्नोई और मनीष ठाकुर की संलिप्तता सामने आई है जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है वही एक फरार आरोपी की तलाश सरगर्मी से की जा रही है। बताया जा रहा है कि खेती के लिए बाहर से लोगों को बुलाकर काम कराया जा रहा था। फिलहाल पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज…

दुर्ग जिले के समोदा गांव में अवैध अफीम की खेती का मामला अब सियासी रंग लेता जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज मौके पर पहुंचे और खेत का निरीक्षण कर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। इस दौरान साथ आये कांग्रेसी कार्यकर्ताओ ने दुर्ग पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमकर नारेबाजी की जिसके बाद कुछ समय के लिए माहौल काफी तनावपूर्ण भी हुआ वहीं दुर्ग पुलिस ने मामले में जांच तेज कर दी है।
आपको बता दे की इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जेवरा चौकी क्षेत्र में 6 मार्च को अफीम की अवैध खेती का खुलासा हुआ था। आज पूर्व सीएम भूपेश बघेल समोदा गांव पहुंचे और खेत का निरीक्षण कर कहा कि पहले दूसरे राज्यों से नशा छत्तीसगढ़ आता था, लेकिन अब प्रदेश में ही नशे की पैदावार होने लगी है। उन्होंने इसे बड़ा रैकेट बताते हुए कहा कि इस मामले को विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव के जरिए उठाया जाएगा।
भारतीय जनता पार्टी ने तत्काल प्रभाव से पार्टी से किया निलंबित…

भारतीय जनता पार्टी, छत्तीसगढ़ प्रदेश कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार किसान मोर्चा के प्रदेश संयोजक (राइस मिल प्रसंस्करण प्रकल्प) विनायक ताम्रकार को पार्टी से निलंबित कर दिया गया है। यह आदेश प्रदेश भाजपा कार्यालय से 7 मार्च 2026 को जारी किया गया है। जारी आदेश में कहा गया है कि विनायक ताम्रकार के आचरण एवं कृत्यों से भारतीय जनता पार्टी की छवि धूमिल हुई है जो कि पार्टी अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।
इसी कारण प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के निर्देश पर उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी से निलंबित किया गया है। प्रदेश कार्यालय से जारी इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू होगा। आदेश की प्रति प्रदेश अध्यक्ष, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री, प्रदेश महामंत्री (संगठन), किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष तथा जिला भाजपा अध्यक्ष दुर्ग को भी प्रेषित की गई है।
बहरहाल पुलिस अब पूरी फसल को नष्ट करने और पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि खेत दुर्ग भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष विनायक ताम्रकार का है जिसमे एनडीपीएस एक्ट के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही नारकोटिक्स की टीम के साथ अफीम की फसल को नष्ट करने की प्रक्रिया भी की जाएगी।
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