
TheCityReportNews@Chhattisgarh/Bhilai-Durg/Raipur
भारतीय जनता पार्टी दुर्ग के द्वारा चौहान इंपिरियल में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया आयोजित प्रेस वार्ता को दुर्ग संभाग प्रभारी भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्रही ने संबोधित किया आयोजित प्रेसवार्ता में संत शिरोमणि श्रीगुरु रविदास महाराज के 650 वें जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में देशव्यापी “समरसता संकल्प अभियान” की घोषणा की।



उन्होंने बताया कि यह अभियान 29 जुलाई 2026 (आषाढ़ पूर्णिमा) से प्रारंभ होकर 20 फरवरी 2027 (माघ पूर्णिमा) तक पूरे देश में छत्तीसगढ़ राज्य में,जिला, मंडल एवं ग्राम स्तर पर व्यापक जनभागीदारी के साथ संचालित किया जाएगा।
समाज के सभी वर्गों से अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया…
अभियान का उद्देश्य संत गुरु रविदास महाराज के समता, सामाजिक न्याय, मानवता, सेवा, सद्भाव और सामाजिक समरसता के दिव्य संदेश को जन-जन तक पहुँचाना तथा विकसित भारत के निर्माण में समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित करना है।
इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन जी ने सभी संत-महात्माओं, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और समाज के सभी वर्गों से अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
जगन्नाथ पाणिग्रही ने कहा कि संत शिरोमणि श्रीगुरु रविदास महाराज केवल किसी एक समाज के संत नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के महान पथप्रदर्शक, भक्ति आंदोलन के महान संत, श्रेष्ठ समाज सुधारक और महान आध्यात्मिक चिंतक हैं, जिन्हें उनके समय के अनेक संतों तथा बाद की पीढ़ियों के संतों ने भी अत्यंत सम्मान दिया।
देशभर में करोड़ों लोग जाति और धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर उन्हें सम्मान और श्रद्धा के साथ स्मरण करते हैं…

उन्होंने समाज के करोड़ों वंचित एवं उपेक्षित लोगों को सम्मान, आत्मविश्वास और जीवन का उददेश्य प्रदान किया तथा समाज में सुधार, समरसता और मेलमिलाप का मार्ग दिखाया। यही कारण है कि देशभर में करोड़ों लोग जाति और धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर उन्हें सम्मान और श्रद्धा के साथ स्मरण करते हैं।
ऐसे समय में जब समाज जातिगत भेदभाव और सामाजिक विषमताओं, धर्मातरण, मुगलिया अत्याचार से जूझ रहा था, उन्होंने सामाजिक समरसता, समानता और आत्मसम्मान का संदेश देकर करोड़ों लोगों के जीवन में नई चेतना का संचार किया।
जगन्नाथ पाणिग्रही ने कहा कि गुरु रविदास महाराज द्वारा प्रस्तुत “बेगम-पूरा” का दर्शन आज भी एक ऐसे समाज की प्रेरणा देता है, जहाँ किसी प्रकार का दुख, पीड़ा, भेदभाव, अन्याय अथवा शोषण न हो और प्रत्येक व्यक्ति सम्मानपूर्वक जीवन जी सके।
जिन्होंने अपने समय से कई शताब्दियों आगे के समाज की कल्पना की…
उल्लेखनीय है कि समानता और स्वतंत्रता के जिन विचारों का उल्लेख बाद में फ्रांसीसी क्रांति और अब्राहम लिंकन के स्वतंत्रता संबंधी भाषणों में देखने को मिलता है, वे विचार श्री गुरु रविदास महाराज ने सदियों पहले ही दुनिया के सामने रख दिए थे।
वे ऐसे दूरदर्शी संत थे, जिन्होंने अपने समय से कई शताब्दियों आगे के समाज की कल्पना की। वर्तमान समय में भी उनके उपदेशों की व्यापक स्वीकार्यता उनकी दूरदर्शिता और समाज के प्रति उनके व्यापक दृष्टिकोण का प्रमाण है।
देश के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा है, “गुरु रविदास जी ने अपना पूरा जीवन जातिवाद को समाप्त करने और छुआछूत को मिटाने में समर्पित कर दिया। उन्होंने हमें सिखाया कि कोई भी व्यक्ति जन्म से छोटा या बड़ा नहीं होता, मनुष्य की वास्तविक पहचान उसके कर्मों और मानवता के प्रति उसके प्रेम से होती है।
संत रविदास जी ने उस कालखंड में समानता की अलख जगाई जब समाज कुरीतियों और भेदभाव से घिरा हुआ था…
गुरुजी द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलना ही हमारे ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के संकल्प का मूल आधार है।” उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का स्मरण करते हुए कहा कि अटल जी के अनुसार, “संत रविदास जी ने उस कालखंड में समानता की अलख जगाई जब समाज कुरीतियों और भेदभाव से घिरा हुआ था।
उन्होंने समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को गरिमा और आत्मसम्मान का अहसास कराया। उनका यह विचार कि सभी मनुष्यों में एक ही ईश्वर का अंश है, हमारे लोकतंत्र और भारतीय संस्कृति की आत्मा है।”
जगन्नाथ पाणिग्रही ने बताया कि अभियान का शुभारंभ 29 जुलाई 2026 को श्री गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर होगा। इस दिन संध्या के समय देश, प्रदेश एवं जिले के मंदिरों में ‘श्री गुरु रविदास महाराज समरसता दीप महोत्सव” के अंतर्गत 51000 के सभी मंधिक से अधिक संख्या में दीप प्रज्वलित किए जाएँगे।
11 हजार दीपस्थानों पर में घाट वाराणसी में प्रज्वलित किए जाएँगे…
इसी क्रम में 11 हजार दीपस्थानों पर में घाट वाराणसी में प्रज्वलित किए जाएँगे। दीप महोत्सव से पूर्व भजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा धार्मिक प्रवचनों का आयोजन होगा और उसके उपरांत प्रसाद वितरण अथवा भंडारे की समुचित व्यवस्था की जाएगी।
दीप महोत्सव में मंदिर के आसपास के सभी समाज के वर्गों के लोगों तथा पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
पाणिग्रही ने बताया कि 29 जुलाई से 10 सितंबर 2026 तक “श्री गुरु रविदास महाराज कलश वंदन अभियान” चलाया जाएगा। 29 जुलाई को वाराणसी स्थित संत गुरु रविदास महाराज की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर में आयोजित भव्य कार्यक्रम में सभी प्रदेशों की टोलियों को पवित्र मिट्टी से भरा सुसज्जित 131 पवित्र कलश प्रदान किये जाएँगे।
जन्मस्थली की पावन मिट्टी को 21,000 कलशों में स्थापित कर देशभर के राज्यों, जिलों और मंदिरों तक पहुँचाया जाएगा…
इस कार्यक्रम में माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन जी माननीय योगी आदित्यनाथ जी उत्तर प्रदेश उपस्थित रहेंगे। प्रदेश टोलियाँ मार्ग में स्वागत कार्यक्रमों के साथ इन कलशों को अपनी-अपनी राजधानी तक ले जाएँगी जन्मस्थली की पावन मिट्टी को 21,000 कलशों में स्थापित कर देशभर के राज्यों, जिलों और मंदिरों तक पहुँचाया जाएगा।
वहाँ किसी श्री गुरु रविदास महाराज मंदिर अथवा उपयुक्त मंदिर में उनकी स्थापना करेंगी। इसके बाद प्रदेश स्तर पर धार्मिक एवं सामाजिक नेताओं तथा पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति में पवित्र कलश जिला टोलियों को सौंपे जाएँगे और जिला स्तर पर प्रत्येक श्री गुरु रविदास महाराज मंदिर, मंडल इकाई अथवा ऐसे सामाजिक संगठनों को सौंपे जाएँगे, जो अपने क्षेत्र में इस कार्यक्रम का आयोजन करना चाहते हों।
इन सभी कार्यक्रमों में भजन, धार्मिक प्रवचन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ तथा पार्टी के नेताओं के संबोधन भी होंगे। वह पवित्र मिट्टी मंदिर अथवा ग्राम स्तर अथवा निर्माणाधीन मंदिरों के गर्भगृह के निर्माण कार्य में उसका उपयोग किया जाएगा। पूरे अभियान के दौरान पवित्र कलश एवं पवित्र मिट्टी की पवित्रता, गरिमा और सम्मान का हर स्तर पर विशेष ध्यान रखा जाएगा।
श्री गुरु रविदास परंपरा से जुड़े पूज्य साधु-संतों तथा समाज के अन्य पूजनीय संतों का किया जाएगा अभिनंदन…
जगन्नाथ पाणिग्रही ने कहा कि 29 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक “संत संपर्क अभियान” के अंतर्गत पूरे देश में पार्टी के पदाधिकारी श्री गुरु रविदास परंपरा से जुड़े पूज्य साधु-संतों तथा समाज के अन्य पूजनीय संतों से पूर्ण सम्मान और परंपरागत मर्यादा के साथ भेंट कर उनका अभिनंदन करेंगे।
पूर्व सूचना देकर ही संतों के स्थान पर पहुँचा जाएगा तथा संबंधित परंपरा के श्रद्धालुओं के साथ मिलकर सम्मानपूर्वक कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे। विभिन्न धार्मिक परंपराओं के संतों को साथ जोड़कर सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया जाएगा।
जगन्नाथ पाणिग्रही ने बताया कि अभियान का एक अत्यंत महत्वपूर्ण चरण “श्री गुरु रविदास महाराज समरसता यात्रा” होगा, जो 5 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक आयोजित की जाएगी।
संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज की प्रतिमा से सुसज्जित रथ के साथ यह यात्रा डेरा सचखंड बल्लां (जालंधर) से प्रारंभ होकर जन्मस्थली सीर गौवर्धनपुर (वाराणसी) तक पहुँचेगी।
यात्रा के दौरान संत सम्मेलन, समरसता गोष्ठियों, भजन-कीर्तन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से लाखों श्रद्धालुओं को सामाजिक समरसता के इस राष्ट्रीय अभियान से जोड़ा जाएगा…
यह यात्रा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली सहित विभिन्न प्रदेशों से होकर गुजरेगी तथा जिन प्रदेशों से मुख्य यात्रा का मार्ग निर्धारित होगा, वहाँ से उपयात्राएँ निकालकर मुख्य यात्रा में सम्मिलित की जाएँगी।
यात्रा के दौरान संत सम्मेलन, समरसता गोष्ठियों, भजन-कीर्तन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से लाखों श्रद्धालुओं को सामाजिक समरसता के इस राष्ट्रीय अभियान से जोड़ा जाएगा।
जगन्नाथ पाणिग्रही ने बताया कि 26 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक “श्री गुरु रविदास महाराज छात्रावास संपर्क अभियान” चलाया जाएगा, जिसके अंतर्गत देशभर के सभी छात्रावासों में संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज के सुसज्जित चित्र के समक्ष समरसता संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
श्रीगुरु रविदास महाराज के जीवन, उनके संदेश, समाज में निरंतर सुधार की आवश्यकता, सामाजिक समरसता तथा विकसित भारत के संकल्प पर संक्षिप्त उद्बोधन दिया जाएगा…
इन कार्यक्रमों में श्रीगुरु रविदास महाराज के जीवन, उनके संदेश, समाज में निरंतर सुधार की आवश्यकता, सामाजिक समरसता तथा विकसित भारत के संकल्प पर संक्षिप्त उद्बोधन दिया जाएगा और प्रतिभागियों के साथ संवाद भी आयोजित किया जाएगा। इसके माध्यम से युवाओं और विद्यार्थियों को संत गुरु रविदास महाराज के श्रीवन-दर्शन, सामाजिक न्याय और समानता की उनकी प्रेरणा से परिचित कराया जाएगा।
श्री पाणिग्रही ने बताया कि अभियान के अंतर्गत जूनागढ़ (गुजरात), सागर (मध्य प्रदेश), चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) और श्री खुरालगढ़ साहिब (पंजाब), दिल्ली स्थित गुरु रविदास मंदिर तथा संत गुरु रविदास जी से जुड़े प्रमुख स्थलों के विकास का भी संकल्प लिया गया है।
श्री पाणिग्रही ने बताया कि अभियान के प्रभावी संचालन के लिए प्रदेश टोली (1+4), जिला टोली (1+4), मंडल टोली (1+3) तथा आयोजन टोलियों का गठन किया जा रहा है। व्यापक जनसंपर्क के लिए संचार, मीडिया तथा सोशल मीडिया टोलियों भी बनाई जाएंगी।
संत शिरोमणि श्रीगुरु रविदास महाराज के 650वें जयंती वर्ष के अवसर पर समाज में समरसता, सद्भाव, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय एकता की आवना को और अधिक सुदृढ़ भूमिका निभाएगा…
प्रदेश स्तरीय कार्यशालाएँ 20 से 23 जुलाई तथा जिला स्तरीय कार्यशालाएँ 25 से 27 जुलाई 2026 तक आयोजित की जा रही हैं, जिनमें जनप्रतिनिधियों तथा पार्टी के सभी संगठनात्मक स्तरों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। पार्टी के नेता समाचार-पत्रों एवं पत्रिकाओं में लेख, ब्लॉग तथा पॉडकास्ट के माध्यम से अभियान के विषय पर व्यापक जनजागरण करेंगे।
जगन्नाथ पाणिग्रही ने कहा कि यह अभियान केवल कार्यक्रमों की श्रृंखला नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सामाजिक न्याय, राष्ट्रीय एकता और विकसित भारत के निर्माण का एक व्यापक जनआंदोलन है।
उन्होंने सभी संत-महात्माओं, सामाजिक संगठनों, मंदिर समितियों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों तथा समाज के सभी वर्गों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संत शिरोमणि श्रीगुरु रविदास महाराज के 650वें जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित यह राष्ट्रव्यापी अभियान समाज में समरसता, सद्भाव, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय एकता की आवना को और अधिक सुदृढ़ भूमिका निभाएगा।
आयोजित प्रेसवार्ता में विधायक ललित चंद्राकर, ईश्वर साहू, ओबीसी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष अशोक साहू, पूर्व कैबिनेट मंत्री रमशिला साहू भाजपा जिला महामंत्री दिलीप साहू, विनोद अरोरा, महिला मोर्चा प्रदेश महामंत्री शीतल नायक, भाजपा जिला मंत्री शैलेंद्र शैंडे जिला भाजपा मीडिया प्रभारी राजा महोबिया सांस्कृतिक प्रकोष्ठ जिला संयोजक अबीर गोयल उपस्थित रहे।
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