सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को TET परीक्षा आयोजित करने का आदेश दिया है…

TheCityReportNews@Chhattisgarh/Bhilai-Durg/Raipur
छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी, प्रमुख महामंत्री सतीश ब्यौहरे, संभाग प्रभारी सरगुजा राजेन्द्र सिंह,बिलासपुर प्रभारी आकाश राय,दुर्ग प्रभारी चंद्रभान सिंह निर्मलकर,बस्तर प्रभारी आर डी तिवारी एवं सह-प्रभारी डॉ अखिलेश त्रिपाठी तथा रायपुर प्रभारी आलोक शुक्ला ने बताया कि Teachers Eligibility Test (TET) अथार्त शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण नहीं होने के स्थिति में माननीय सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्विचार याचिका (सिविल) डायरी क्र. 53434/2025 STATE OF U.P. versus ANJUMAN ISHAAT -E-TALEEM TRUST & OTHERS (सिविल अपील क्र 1385/2025) में आदेश दिनांक 29 मई 2026 के पैरा-34 में राहत दिया है।



भारत के सर्वोच्च न्यायालय में पारित आदेश का प्रभावी अंश निम्नानुसार है :- Needless to observe,it shall also be endeavour of the respective States and the competent authorities to conduct the TET periodically, and preferably twice every year, interspersed with an approximate period of six months between the successive examinations,so as to afford eligible teachers a reasonable opportunity to comply with the statutory requirement माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने कार्यरत शिक्षकों को परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए 31अगस्त 2028 तक का समय-सीमा निर्धारित किया है।
मामला प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों का है…
माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दायर सिविल अपील 1385/2025 में पारित आदेश दिनांक 1 सितंबर 2025 के पैरा-216 में उल्लेख है कि 5 साल से कम सेवा शेष होने की स्थिति में वे सेवानिवृत्त तिथि तक रहेंगे,लेकिन पदोन्नति के विचरण क्षेत्र में नहीं रहेंगे!पैरा-218 में इस बात को दोहराया है कि जो शिक्षक सेवा में हैं तथा पदोन्नति के लिए आकांक्षी हैं,लेकिन TET अहर्ता नहीं है,उनकी उम्मीदवारी पर विचार करने का कोई अधिकार नहीं होगा। समय सीमा में TET अहर्ता नहीं होने की स्थिति में नौकरी पर खतरा है !
उन्होंने बताया कि भारत में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का आयोजन केंद्र और राज्य सरकारों के द्वारा राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) के दिशा-निर्देशों के आधार पर किया जाता है । राष्ट्रीय स्तर पर,केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के द्वारा केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) आयोजित की जाती है।
जबकि,राज्य स्तर पर TET परीक्षाएं संबंधित राज्य परीक्षा बोर्डों या प्राधिकरणों द्वारा आयोजित की जाती हैं। छत्तीसगढ़ राज्य में छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा बोर्ड/CG Vyapam द्वारा CG-TET परीक्षा आयोजित किया जाता है। NCTE अधिसूचना दिनांक 11 फरवरी 2011 द्वारा TET परीक्षा आयोजित करने गाईडलाइन जारी किया गया था। लेकिन NCTE राजपत्र 23 अगस्त 2010 तिथि के पूर्व नियुक्त शिक्षकों की लिए TET अहर्ता अनिवार्य नहीं था।
TET परीक्षा उत्तीर्ण नहीं ! हजारों शिक्षकों की नौकरी खतरे में है ?
छत्तीसगढ़ राज्य में TET परीक्षा का आयोजन जुलाई 2011 के बाद क्रमशः हुआ था। लेकिन भर्ती नियमों एवं नियुक्ति पत्र में में TET अहर्ता का उल्लेख नहीं था। जिसके कारण 25 से 30 एवं इससे अधिक वर्षों से कार्यरत शिक्षकों को TET परीक्षा को उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता तथा नतीजे (सेवा समाप्ति) पर राज्य सरकार ने फोकस नहीं किया।
जबकि बच्चों के नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (संशोधन) अधिनियम 2017 (मूल अधिनियम 2009) का अधिसूचना 9 अगस्त 2017 को जारी हो गया था। NCTE ने अधिसूचना 23 अगस्त 2010 द्वारा TET परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य घोषित किया था।
फेडरेशन के कहना है कि यदि TET परीक्षा का आयोजन राज्य शासन द्वारा नहीं होगा तो शिक्षक परीक्षा में कैसे सम्मिलित होंगे ?
सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार छत्तीसगढ़ शासन को भी उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों की तर्ज पर कार्यरत शिक्षकों के लिए विभागीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) आयोजित करना होगा।
ताकि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षक निर्धारित समय-सीमा के भीतर TET की वैधानिक आवश्यकता पूर्ण कर सके और किसी भी शिक्षक का भविष्य केवल अवसरों के अभाव में *सेवा समाप्ति की स्थिति निर्मित न हो ।
सेवाकाल तथा उम्र के अंतिम पड़ाव में उनको शासकीय सेवा से पदच्युत किये जाने की स्थिति निर्मित हो जाना,कदापि स्वीकार्य नहीं है…
शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का आयोजन इस लिये भी महत्वपूर्ण है,क्योंकि यह शिक्षकों के सम्मान, आजीविका एवं भविष्य का प्रश्न है। शिक्षकों ने विगत अनेक वर्षों तक राज्य के लाखों विद्यार्थियों को शिक्षित कर शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में अपना अमूल्य योगदान दिया है।सेवाकाल तथा उम्र के अंतिम पड़ाव में उनको शासकीय सेवा से पदच्युत किये जाने की स्थिति निर्मित हो जाना,कदापि स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने दिनांक 29 मई 2026 को पारित अपने निर्णय में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता को यथावत रखते हुए कार्यरत शिक्षकों की व्यावहारिक कठिनाइयों को स्वीकार किया है। TET उत्तीर्ण करने की अंतिम समय-सीमा 31 अगस्त 2028 निर्धारित है।
फेडरेशन ने TET प्रभावित शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण,अध्ययन सामग्री एवं परीक्षा की समुचित तैयारी हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह राज्य शासन से किया…
साथ ही न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया है कि इसके पश्चात समय-वृद्धि की कोई प्रार्थना स्वीकार नहीं की जाएगी। माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दायर पुनर्विचार याचिका क्र. 53434/2025 STATE OF U.P. versus ANJUMAN ISHAAT -E-TALEEM TRUST & OTHERS सिविल अपील क्र 1385/2025 में पारित आदेश 29 मई 2026 के आदेश में पैरा-34 के अनुसार छत्तीसगढ़ में विभागीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को निर्धारित समय-सीमा के दृष्टिगत समयबद्ध आयोजित करने का आदेश दिया है।
फेडरेशन ने TET प्रभावित शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण,अध्ययन सामग्री एवं परीक्षा की समुचित तैयारी हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह राज्य शासन से किया है।
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