▪️ साइबर ठगी की राशि के लेनदेन में उपयोग किए जा रहे 13 म्यूल बैंक खाताधारकों के विरुद्ध थाना सुपेला, खुर्सीपार पुलिस एवं एसीसीयू की संयुक्त कार्रवाई करते हुए विधिवत गिरफ्तारी की गई…

TheCityReportNews@Chhattisgarh/Bhilai-Durg
मुख्य बिंदु :



थाना सुपेला अपराध क्रमांक 679/2026 धारा 318(2), 318(3), 318(4) भारतीय न्याय संहिता (BNS)।
थाना खुर्सीपार अपराध क्रमांक 272/2026 धारा 318(2), 318(3), 318(4) भारतीय न्याय संहिता (BNS)।
▪️ आरोपी कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक एवं सिम कार्ड साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराकर अवैध धनराशि के अंतरण में सहयोग कर रहे थे…
संक्षिप्त विवरण :
पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार साइबर अपराधों एवं म्यूल बैंक खाताधारकों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत दुर्ग पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई करते हुए थाना सुपेला, थाना खुर्सीपार एवं एसीसीयू की संयुक्त टीम ने कुल 13 आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की।
साइबर ठगी की राशि को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से छिपाने एवं स्थानांतरित करने वाले म्यूल अकाउंट नेटवर्क का खुलासा।
विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी अपने स्वयं के तथा अन्य व्यक्तियों के बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त अवैध धनराशि के लेनदेन एवं अंतरण के लिए कर रहे थे।
आरोपी कमीशन प्राप्त करने के उद्देश्य से एजेंटों के माध्यम से बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक एवं मोबाइल सिम कार्ड साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे, जिनका उपयोग ठगी की राशि को विभिन्न खातों के माध्यम से स्थानांतरित एवं छिपाने में किया जाता था।
▪️ तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण एवं विवेचना के आधार पर लगभग 10 लाख रुपये के संदिग्ध साइबर ट्रांजेक्शन का खुलासा हुआ तथा म्यूल अकाउंट नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया…
जांच में यह भी ज्ञात हुआ कि संबंधित खाताधारकों द्वारा 2,000 से 15,000 तक के कमीशन के बदले अपने बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज एवं सिम कार्ड अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराए गए थे।
तकनीकी विश्लेषण एवं बैंक रिकॉर्ड के परीक्षण में इन खातों में लगभग 10 लाख रुपये के संदिग्ध साइबर ट्रांजेक्शन पाए गए। प्राप्त तकनीकी साक्ष्यों एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर दिनांक 06.08.2026 को थाना सुपेला क्षेत्र में बंधन बैंक के 09 खाताधारकों तथा थाना खुर्सीपार क्षेत्र में इंडियन बैंक के 04 खाताधारकों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की गई।
▪️ दुर्ग पुलिस ने स्पष्ट किया कि अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक अथवा सिम कार्ड किसी अन्य को उपलब्ध कराने वाले खाताधारकों के विरुद्ध भी कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी…
मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका) :
आरोपीगण कमीशन प्राप्त करने के उद्देश्य से अपने बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक एवं मोबाइल सिम कार्ड साइबर अपराधियों अथवा उनके एजेंटों को उपलब्ध कराते थे।
इसके पश्चात साइबर ठगी से प्राप्त अवैध धनराशि इन खातों के माध्यम से विभिन्न खातों में स्थानांतरित कर वास्तविक अपराधियों की पहचान छिपाने का प्रयास किया जाता था।
घटना स्थल : थाना सुपेला क्षेत्र, थाना खुर्सीपार क्षेत्र।
आरोपी का नाम :
1. डी. श्रीनिवास राव, उम्र 32 वर्ष, निवासी सेक्टर-02, सड़क-15, क्वार्टर नं. 10/B, भिलाई।
2. मनीष सिंह मट्टू, उम्र 36 वर्ष, निवासी सेक्टर-02, एवेन्यू-B, क्वार्टर नं. 13/A, भिलाई।
3. जितेन्द्र साहू, उम्र 37 वर्ष, निवासी करहीडीह, दुर्ग।
4. यश यादव, उम्र 20 वर्ष, निवासी गिरधारी नगर, दुर्ग।
5. मयंक पटेल, उम्र 25 वर्ष, निवासी शंकर नगर, दुर्ग।
6. रोशन सारथी, उम्र 24 वर्ष, निवासी बजरंग नगर, दुर्ग।
7. तुषार कसरे, उम्र 22 वर्ष, निवासी शंकर नगर, दुर्ग।
8. प्रवीण कुमार, उम्र 21 वर्ष, निवासी समोदा, जेवरा सिरसा।
9. प्रवीण कुशवाहा, उम्र 25 वर्ष, निवासी शंकर नगर, वार्ड क्रमांक-10।
10. अजय बंसोड़, उम्र 44 वर्ष, निवासी बीड़ी कॉलोनी, उरला।
11. संगीत साहू, उम्र 28 वर्ष, निवासी शंकर नगर, हरना बांधा, दुर्ग।
12. उभय यादव, उम्र 20 वर्ष, निवासी नेहरू भवन के पीछे, सुपेला।
13. डीलेश मरकाम, निवासी सिकोला बस्ती, दुर्ग।
जप्त सामग्री : 1. बैंक पासबुक। 2. एटीएम कार्ड। 3. चेकबुक। 4. मोबाइल सिम कार्ड। 5. मोबाइल फोन। 6. अन्य बैंक संबंधी दस्तावेज।
सराहनीय भूमिका : उक्त कार्रवाई में थाना सुपेला, थाना खुर्सीपार एवं एसीसीयू दुर्ग की संयुक्त टीम द्वारा तकनीकी विश्लेषण, बैंक खातों के परीक्षण, डिजिटल साक्ष्य संकलन एवं सतत विवेचना के आधार पर आरोपियों की पहचान कर प्रभावी एवं त्वरित वैधानिक कार्रवाई की गई।
थाना सुपेला क्षेत्र में 09 तथा थाना खुर्सीपार क्षेत्र में 04, कुल 13 आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई।
दुर्ग पुलिस की अपील : दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक अथवा मोबाइल सिम कार्ड उपयोग के लिए उपलब्ध न कराएं। साइबर अपराधी ऐसे खातों का उपयोग अवैध धनराशि के लेनदेन के लिए करते हैं, जिससे खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।
यदि आपके बैंक खाते अथवा संबंधित दस्तावेजों का किसी अन्य व्यक्ति द्वारा दुरुपयोग किया जाता है, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित बैंक, निकटतम पुलिस थाना अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर दर्ज कराएं तथा शिकायत की प्राप्ति रसीद सुरक्षित रखें।
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