
TheCityReportNews@Chhattisgarh/Bhilai-Durg/Raipur
जिले में कुल 243 उर्वरक, 476 बीज, 18 कीटनाशक के नमूने प्रयोगशाला प्रेषित किये गये है जिसमें उर्वरक के 113 नमूने, बीज के 400 नमूने व कीटनाशक के 02 नमूने मानक तथा उर्वरक के 13 एवं बीज के 15 नमूने अमानक पाये गये है।



वही उर्वरक के 117 नमूनों, बीज के 61 व कीटनाशक के 16 की रिपोर्ट आना शेष है। अमानक उर्वरको/बीज के भण्डारण एवं विक्रय हेतु संबंधित संस्था में भण्डारित उर्वरकों/बीज पर विक्रय प्रतिबंध लगाया गया है।
उप संचालक कृषि संदीप भोई से मिली जानकारी अनुसार विभाग द्वारा नकली एवं घटिया खाद-बीज की बिक्री को रोकने के लिये उड़नदस्ता टीम का गठन किया गया है जो निजी विक्रेताओं और समितियों की निरंतर जांच कर रही है, ताकि कृषकों को गुणवत्ता युक्त बीज/उर्वरक उपलब्ध कराया जा सके।
अनियमितताएं पाए जाने पर 09 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया…

अब तक जिले के 154 निजी एवं सहकारी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जा चुका है। जांच के दौरान स्टॉक संधारण में गड़बड़ी, उर्वरक नियंत्रण संबंधी नियमों के उल्लंघन करने जैसी अनियमितताएं पाए जाने पर 09 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
एवं 05 विक्रय केंद्रों पर उर्वरक अनुज्ञप्ति में अतिरिक्त स्त्रोत समावेश किये बिना विक्रय करते पाये जाने एवं 02 विक्रय केन्द्रों को अधिक मूल्य पर विक्रय किये जाने पर उर्वरक जब्ती कर प्रकरण कलेक्टर न्यायालय में भेजा गया है।
वहीं 13 विक्रय केंद्रों में अमानक उर्वरक का विक्रय किये जाने के कारण विक्रय प्रतिबंध कर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 03 विक्रय केंद्रों पर एफ आई आर की कार्यवाही की गई है साथ ही 03 विक्रय केंद्रों के उर्वरक अनुज्ञप्ति निलंबित की गई है।
बीज प्रक्रिया केन्द्र रुआबांधा द्वारा धान बीज का उपार्जन कर छ.ग. राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था के निर्धारित मापदंडों के अनुरूप गुणवत्ता परीक्षण कराया गया था…
खरीफ वर्ष 2025 में सेवा सहकारी समिति उतई (उपकेन्द्र खोपली) के 06 किसानों द्वारा धान की बालियों में दाने न भरने की शिकायत व मुआवजे की मांग के संबंध में वास्तविक स्थिति यह है कि बीज प्रक्रिया केन्द्र रुआबांधा द्वारा धान बीज का उपार्जन कर छ.ग. राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था के निर्धारित मापदंडों के अनुरूप गुणवत्ता परीक्षण कराया गया था, जिसमें बीज मानक स्तर का पाया गया था।
इसके उपरांत ही बीज पैक्ड कर भंडारित किया गया। भंडारण उपरांत गुण नियंत्रण नियम के तहत पुनः लिए गए नमूने में कम अंकुरण पाए जाने पर इसे अमानक दर्ज किया गया, परंतु किसानों द्वारा बोनी के तुरंत बाद अंकुरण संबंधी कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई।
किसानों द्वारा फसल पकने की स्थिति में (लगभग 2 से 3 महीने पश्चात्) बालियां न आने व दाना न भरने की शिकायत दी गई। बीज निगम के नियमानुसार केवल अंकुरण प्रभावित होने पर एवं बोनी के तुरंत बाद निर्धारित समय सीमा में प्रक्रिया अपनाने पर ही क्षतिपूर्ति का प्रावधान है।
धान में बाली न आना या दाना न भरना जैसी समस्याओं पर बीज नियमों के तहत क्षतिपूर्ति का प्रावधान नहीं है।
उपसंचालक श्री भोई के अनुसार जिले की सहकारी समितियों में मानक खाद एवं प्रामाणिक बीज की कोई कमी नहीं है। किसान अपनी आवश्यकता अनुसार सुगमता से समितियों में जाकर खाद-बीज प्राप्त कर सकते है।
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