जिला स्तरीय रोजगार मेले में 14 युवाओं का अंतिम चयन, कलेक्टर ने सौंपे नियुक्ति पत्र…

TheCityReportNews@Chhattisgarh/Bhilai-Durg/Raipur
युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में गौरेला पेंड्रा मरवाही जिला प्रशासन के पहल को महत्वपूर्ण सफलता मिली है।


आईटीआई गौरेला में जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र द्वारा आयोजित जिला स्तरीय रोजगार मेले में 14 युवाओं का अंतिम चयन हुआ।
रोजगार मेले के समापन अवसर पर कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
रोजगार मेले में पांच निजी संस्थानों ने भाग लिया। विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए कुल 280 रिक्तियां उपलब्ध थीं। रोजगार की उम्मीद लेकर पहुंचे 224 युवक-युवतियों ने साक्षात्कार में हिस्सा लिया।
निजी क्षेत्र में रोजगार के लिए 224 युवक-युवतियों ने लिया साक्षात्कार में हिस्सा, 280 पदों पर भर्ती के अवसर उपलब्ध…

चयन प्रक्रिया के प्रारंभिक चरण में 60 अभ्यर्थियों का चयन किया गया, जिसके बाद अंतिम चयन प्रक्रिया में 14 युवा सफल रहे। चयनित युवाओं को रोजगार मेले में ही नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाने से उनमें उत्साह का संचार हुआ।
कलेक्टर विजय दयाराम के. ने चयनित युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि निजी क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध हैं। युवाओं को अपनी योग्यता और कौशल के अनुरूप इन अवसरों का लाभ उठाकर अपने करियर को नई दिशा देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर ईमानदारी, अनुशासन, समयबद्धता और लगन के साथ दायित्वों का निर्वहन सफलता की महत्वपूर्ण आधारशिला है। उन्होंने चयनित युवाओं से अपने कार्यक्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करते हुए जिले और परिवार का नाम रोशन करने का आह्वान किया।
*बैगा युवाओं से कलेक्टर ने किया संवाद, कौशल प्रशिक्षण को रोजगार से जोड़ने पर दिया जोर*
कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने लाइवलीहुड कॉलेज गौरेला में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा हितग्राहियों के लिए संचालित टैक्सी चालक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का भी अवलोकन किया। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं से संवाद कर उनके प्रशिक्षण, रुचि और भविष्य की रोजगार संभावनाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कौशल प्रशिक्षण युवाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। प्रशिक्षणार्थी नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहें, मन लगाकर प्रशिक्षण प्राप्त करें और पाठ्यक्रम को पूरी गंभीरता से पूरा करें, ताकि प्रशिक्षण के बाद उपलब्ध रोजगार के अवसरों का बेहतर लाभ उठाया जा सके।
