सूरजपुर के गुरुकुल स्कूल में बाल विवाह, सुरक्षित स्पर्श, साइबर सुरक्षा और हेल्पलाइन सेवाओं की दी गई जानकारी…

TheCityReport News@Chhattisgarh/Bhilai-Durg/Raipur
बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सूरजपुर जिले के शासकीय एवं निजी विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल के नेतृत्व में गुरुकुल हायर सेकेंडरी स्कूल, विश्रामपुर में कार्यक्रम आयोजित किया गया।



कलेक्टर रेना जमील के निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी शुभम बंसल के मार्गदर्शन में हुए कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बाल विवाह मुक्त सूरजपुर अभियान, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम, बाल श्रम की रोकथाम, साइबर अपराध और मोटरयान अधिनियम की जानकारी दी गई।जायसवाल ने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने, भविष्य निर्माण के साथ अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया।
विद्यार्थियों को सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श के बारे में सरल भाषा में समझाया गया। उन्हें बताया गया कि किसी व्यक्ति के स्पर्श या व्यवहार से असहज महसूस होने पर माता-पिता, शिक्षक या किसी विश्वसनीय व्यक्ति को तुरंत बताएं। “चुप्पी तोड़ो” का संदेश देते हुए बच्चों को बिना डर और संकोच अपनी बात रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
विद्यार्थियों को सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श के बारे में सरल भाषा में समझाया गया…

बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया गया कि बाल विवाह की सूचना देने या सहायता प्राप्त करने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1098, 181 और 112 पर संपर्क किया जा सकता है।
साइबर सुरक्षा के तहत विद्यार्थियों को मोबाइल और इंटरनेट का सावधानी से उपयोग करने तथा किसी अपरिचित व्यक्ति के साथ ओटीपी, निजी जानकारी या तस्वीरें साझा नहीं करने की समझाइश दी गई।
संदिग्ध संदेश या गतिविधि की जानकारी अभिभावकों को देने और परिवार के सदस्यों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने की अपील की गई। यातायात सुरक्षा के तहत हेलमेट पहनने, यातायात नियमों का पालन करने तथा वाहन का पंजीयन और बीमा अद्यतन रखने का संदेश भी दिया गया।
निजी जानकारी या तस्वीरें साझा नहीं करने की समझाइश दी गई…
कार्यक्रम में सखी वन स्टॉप सेंटर की विनीता पैले ने केंद्र में उपलब्ध सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संकटग्रस्त महिलाओं को आश्रय, चिकित्सीय सहायता, परामर्श, कानूनी सहायता और पुलिस सहयोग जैसी सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। महिला हेल्पलाइन 181 के माध्यम से भी सहायता प्राप्त की जा सकती है।
चाइल्ड हेल्पलाइन के काउंसलर जनार्दन यादव ने 1098 हेल्पलाइन की जानकारी देते हुए बताया कि देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों को इस निःशुल्क सेवा के माध्यम से सहायता दी जाती है। कार्यक्रम में संस्था के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं, जिला बाल संरक्षण इकाई से आरती राजवाड़े तथा चाइल्ड हेल्पलाइन से दिनेश यादव उपस्थित रहे।
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