▪️ थाना सुपेला के अपराध क्रमांक 437/2024 से संबंधित प्रकरण में माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायालय, दुर्ग द्वारा दिनांक 14.10.2026 को निर्णय पारित किया गया।
▪️ प्रकरण दिनांक 29.12.2024 को रात्रि लगभग 20:30 बजे आयुष्मान हॉस्पिटल के पास, सिविल लाइन, दुर्ग में चैतन साहू के साथ मारपीट एवं उसकी मृत्यु कारित करने की घटना से संबंधित है।

TheCityReportNews@Chhattisgarh/Bhilai-Durg
मुख्य बिंदु: थाना सुपेला के अपराध क्रमांक 437/2024 के अंतर्गत दर्ज हत्या एवं मारपीट से संबंधित प्रकरण में न्यायालय द्वारा पारित निर्णय के अनुसार संबंधित आरोपियों को दोषसिद्ध कर सजा सुनाई गई। दुर्ग पुलिस द्वारा प्रकरण की विवेचना कर न्यायालयीन प्रक्रिया में आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।






संक्षिप्त विवरण: दिनांक 29.12.2024 को रात्रि लगभग 20:30 बजे आयुष्मान हॉस्पिटल के पास, सिविल लाइन, दुर्ग में चैतन साहू के साथ मारपीट किए जाने तथा उसकी मृत्यु होने की घटना के संबंध में थाना सुपेला के अपराध क्रमांक 437/2024 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया था।
▪️ उपलब्ध न्यायालयीन दस्तावेजों के अनुसार, रोशनी उर्फ रोशलीन लकड़ा एवं कुलेश्वर साहू के विरुद्ध संबंधित धाराओं में दोषसिद्धि एवं सजा के आदेश जारी किए गए हैं।
प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत विवेचना की गई। विवेचना अधिकारी निरीक्षक केशव राम कोसले द्वारा प्रकरण की विवेचना की गई। इसके पश्चात प्रकरण माननीय न्यायालय में विचारण हेतु प्रस्तुत किया गया।
माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायालय, दुर्ग द्वारा दिनांक 14.10.2026 को पारित निर्णय एवं संबंधित सजा वारंट के अनुसार दोषसिद्ध आरोपियों को विभिन्न धाराओं में कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
न्यायालय द्वारा सजाएं साथ-साथ चलाने तथा पूर्व में न्यायिक अभिरक्षा में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश भी दिया गया है।
▪️ न्यायालयीन आदेश में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1)/190 सहित अन्य धाराओं के अंतर्गत आजीवन कारावास एवं विभिन्न अवधि के कारावास की सजाओं का उल्लेख है।
मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका): न्यायालयीन अभिलेख के अनुसार, आरोपियों द्वारा अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर चैतन साहू के साथ मारपीट की गई थी। घटना में बल एवं हिंसा का प्रयोग किए जाने तथा घातक हथियारों से हमला किए जाने का उल्लेख न्यायालयीन दस्तावेज में है।
आरोपी का नाम एवं पता: 1. रोशनी उर्फ रोशलीन लकड़ा, उम्र 19 वर्ष, निवासी चांदनी चौक, थाना कोतवाली, अंबिकापुर, जिला सरगुजा (छत्तीसगढ़)। 2. कुलेश्वर साहू, उम्र 19 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 40, सिविल लाइन, कसारीडीह, थाना पद्मनाभपुर, जिला दुर्ग (छत्तीसगढ़)।
3. आकाश देशलहरा, उम्र 19 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 40, सिविल लाइन, कसारीडीह, थाना पद्मनाभपुर, जिला दुर्ग (छत्तीसगढ़)।
▪️ प्रकरण के विवेचना अधिकारी निरीक्षक केशव राम कोसले हैं। प्रकरण में विवेचना के उपरांत न्यायालयीन विचारण हुआ तथा माननीय न्यायालय द्वारा निर्णय पारित किया गया।
न्यायालय द्वारा सुनाई गई सजा: उपलब्ध सजा वारंट में निम्नलिखित धाराओं के अंतर्गत सजा एवं अर्थदंड का उल्लेख है—
▪️ धारा 191(2) बीएनएस — 02 वर्ष का कारावास एवं 500 अर्थदंड। ▪️ धारा 191(3) बीएनएस — 03 वर्ष का कारावास एवं 500 अर्थदंड।
▪️ धारा 103(1)/190 बीएनएस — आजीवन कारावास एवं 500 अर्थदंड। ▪️ धारा 61(2) बीएनएस — आजीवन कारावास एवं 500 अर्थदंड।
▪️ धारा 118(1) बीएनएस — 03 वर्ष का कारावास एवं 500 अर्थदंड।
▪️ प्रकरण में सहायक जिला लोक अभियोजक (AGP) श्री संजय शुक्ल द्वारा की गई न्यायालयीन पैरवी भी महत्वपूर्ण रही।
न्यायालय द्वारा उक्त सजाएं साथ-साथ चलाने तथा न्यायिक अभिरक्षा में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश दिया गया है।
सराहनीय कार्य: प्रकरण की विवेचना अधिकारी निरीक्षक केशव राम कोसले द्वारा समयबद्ध एवं प्रभावी विवेचना करते हुए आवश्यक साक्ष्यों को संकलित कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
अभियोजन पक्ष द्वारा प्रकरण की सुनवाई के दौरान तथ्यों एवं साक्ष्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करते हुए न्यायालय में सशक्त पैरवी की गई। विवेचना एवं अभियोजन पक्ष के समन्वित प्रयासों से माननीय न्यायालय द्वारा आरोपियों को दोषसिद्ध कर सजा सुनाई गई।
▪️ इस प्रकरण में विवेचना की गुणवत्ता, समय पर साक्ष्यों की प्रस्तुति तथा न्यायालय में प्रभावी पैरवी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिला दुर्ग द्वारा संबंधित पुलिस अधिकारी एवं अभियोजन पक्ष के अधिकारियों के योगदान की सराहना की गई।
इस प्रकरण में विवेचना की गुणवत्ता, समय पर साक्ष्यों की प्रस्तुति तथा न्यायालय में प्रभावी पैरवी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिला दुर्ग द्वारा संबंधित पुलिस अधिकारी एवं अभियोजन पक्ष के अधिकारियों के योगदान की सराहना की गई। प्रकरण में सहायक जिला लोक अभियोजक (AGP) संजय शुक्ल द्वारा की गई न्यायालयीन पैरवी भी महत्वपूर्ण रही।
दुर्ग पुलिस की अपील: दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि विवाद की स्थिति में कानून अपने हाथ में न लें तथा किसी भी प्रकार की हिंसा या आपराधिक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। अपराधों की विवेचना एवं न्यायालयीन प्रक्रिया में पुलिस का सहयोग करें। कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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