अब तक दो दरगाह प्रबधन समिति ने नवनिर्माण का कार्य संभाला,दरगाह की गुंबद पर घुल की परत चढऩे के साथ ही निर्माण कार्य में लगी बांस की चेली भी सढऩे लगी…

Thecityreportnews@Durg. कौमी एकता व अखंडता का प्रतीक कहलाएं जाने के साथ ही मुस्लिम समाज ही नहीं सर्वधर्म की आस्था का केंद्र हजरत सैय्यद बाबा अब्दुर्हमान शाह काबुली रह.अलैेह के आस्तानें पर दुर्ग ही नहीं पूरें छत्तीसगढ़ अंचल से लोग अपनी मन्नतों मुराद की झोली फैंलाकर बाबा के आस्तानें में पहुंच अपनी हाजरी देकर अपनी मुराद पाते है,,वहीं दुर्ग पुराना बस स्टैंड स्तिथ बाबा अब्दुर्हमान शाह काबुली रह.अलैह की दरगाह का नवनिर्माण कार्य या कह लीजिए तामीर कार्य को सन 2017 से शुरू किया जो अब तक पूर्ण नहीं हो पाया है। मिली जानकारी के अनुसार 30.10.2017 से जारी दरगाह का नवनिर्माण कार्य लगभग 4 साल बीत जाने के बाद भी काम रूका पड़ा हुआ। वहीं छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा बनाए गए दरगाह प्रबंधन समिति की एक बॉडी बना कर दरगाह का तामीर कार्य करने जिम्मेदारी दी थी जो लगभग 2 साल कारोना काल तक अपने कार्य को अंजाम दिया था जिसके बाद किसी वजह से उस दरगाह प्रबंधन समिति को हटाकर नई बॉड़ी बनाकर राज्य वफ्फ बोर्ड द्वारा नवनिर्माण का कार्य को आगे बढ़ाने दूसरी दरगाह प्रबंधन समिति को जिम्मेदारी सौपीं। जिसके बाद दरगाह में कुछ दिनों तक कुछ हिस्सों में कार्य किए भी गए वहीं छत्तीसगढ़ की आस्था का केंद्र बना हजरत सैय्यद बाबा अब्दुर्हमान शाह काबूली के चाहनें वालो की संख्या भी लाखों में होने के साथ ही दुर्ग ही नहीं पूरे भारतवर्ष से बाबा के आस्ताने पहुंच अपनी हाजरी पेश करते है और इसी के चलते लोग दरगाह तामीर कार्य में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेकर तामीर कार्य को जल्द से जल्द पूरा हो जाने का ख्वाब देख रहे है। वहीं इस मामले में शहर के अधिकांश लोगों के बीच बस यही एक सवाल है कि आखिर कहां गए वो जिम्मेदार जिसको राज्य वफ्फ बोर्ड ने सौपी थी दरगाह नवनिर्माण की कमान ???
दरगाह की खूबसूरत गुबंद के अंदर का नजारा जहां अब मकड़ी का जाला पड़ा हुआ…

शहर के लोगों ने जिस तरह से पुरानी दरगाह को देखा होगा कितना खुबसूरत नजारा देखने को मिलता था कांच की कारीगरी में सजी दीवारें और रौशनी से जगमगाता दरगाह,मगर दरगाह नवनिर्माण के चलते पिछले करीब 5 वर्षाे से लोगों को गुबंद के अंदर सिर्फ मकड़ी का जाला ही नजर आ रहा है।
आखरी कहां गई दरगाह में लगी चांदी की चादरें…

जब पहले हम दरगाह शरीफ में हाजरी देनें अंदर जाते थे तो बाबा के आस्तानें व दरवाजें की चौंखट पर चांदी की परत चढ़ी हुई थी जो अब कहीं भी नजर नहीं आता आखीर कहां गई वो चांदी की चादरें ?
तामीर कार्य में लगे बांस की चैली भी अब सढऩे लगी…

दरगाह तामीर कार्य के दौरान हजारों रूपए की लागत से लगाई गई बांस की चैली भी अब टंगे-टंगे सढऩे लगी है,आखीर इस पैसों की र्बबादी का जबाव कौन देगा ?
दरगाह की खिड़की पर लगी सागोन की लकड़ी भी अब अपना वजूद खोने लगी…

दरगाह निर्माण कार्य के दौरान बाहर खिड़की पर लगाई गई मंहगी सागोन लकड़ी धूप में पड़े-पड़े अब अपना वजूद खोने लगी है ना ही किसी बेहतर तरीका का रखरखाव और ना ही कोई पूखता इंतेजाम किए गए,आखिर कब इस खिड़की को बेहतर सजकर दरगाह की शोभा बनने का मिलेगा अवसर ?
दरगाह में लगे र्माबल भी अब गिरने लगें…

जब से दरगाह तामीर कार्य चल रहा है तब से पूरे दरगाह में अंदर व बाहर कुछ जगहों पर र्माबल लगाए गए है वहीं कार्य पूरी तरह से फाइनल नही होने के कारण फिनिशिंग कार्य बचा होने के अभाव में अब दरगाह के अंदर लगे र्माबल धीरे-धीरे गिरने लगे है ?
इसी कड़ी में जब हमनें दरगाह नवनिर्माण तामीर के रूके हुए कार्य के बारे में प्रबंधन समिति और शहर के लोगों से चर्चा की तो ऐसा मिला जवाब…

प्रकाश देशलहरा, अध्यक्ष सालाना उर्सपाक कमेटी,दुर्ग
दरगाह नवनिर्माण तामीर कार्य के लिए छत्तीसगढ़ राज्य वफ्फ बोर्ड द्वारा बनाई गई दरगाह प्रबंधन समिति को दरगाह तामीर कार्य को पारर्दशिता में रखकर कार्य करना चाहिए था, कितना पैसा (चंदा) आया गया कोई भी हिसाब सामनें नहीं आया, बनाई गई दोनों ही समिति का रवैया एक ही जैसा है। दरगाह तामीर कार्य जो रूका हुआ है वो गलत है ऐसा नही होना चाहिए था।

नजरूद्दीन खोखर , अध्यक्ष दरगाह प्रबंधन समिति
जब हमारी टीम ने तामीर कार्य को संभाला तब हमारे पास कोई भी फंड नही था,पिछली कमेटी से कोई भी राशि नही मिली थी, शहर में दरगाह तामीर का काम शुरू होने की सूचना के साथ ही लोगों ने काफी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और ताऊन दिया,इस दौरान हमारी समिति के द्वारा २ साल तक लगें लॉकडाउन के दौरान भी तामीर कार्य को जारी रख कामयाबीं की तरफ बढ़ते रहें थे तभी दुसरे लोगों द्वारा लॉबिंग कर नई समिति बनाने वफ्फ बोर्ड के आदेश पर हमारी समिति को हटा दिया गया। वहीं नई समिति ने कुछ दिनों तक कुछ कार्य किया और फिर काम बंद क्यो हुआ उसका कारण नहीं पता चला। अब ये दरगाह तामीर कार्य रूका हुआ है वो गलत है।

जाकीर खोखर, कोषाध्यक्ष
हमें जिम्मेदारीं मिलने के बाद ६ महीनें लेट चार्ज मिला जो कारोना काल के दौरान तक तामीर कार्य चला,हमारी प्रबंधन समिति के द्वारा बेहतर कार्य को अंजाम दिया जा रहा था मगर वफ्फ बोर्ड के आदेश के बाद दूसरी समिति ने सक्रियता से तामीर कार्य को नही किया जिसके चलते दरगाह तामीर कार्य रूक पड़ा हुआ है। अगर हमें वफ्फ बोर्ड फिर से मौका दे तो ईन्शाअल्लाह हमारी समिति २ साल के अंदर दरगाह तामीर कार्य को पूरा करके दिखा देगीं। इसी कड़ी में जब हमनें तामीर कार्य के दौरान आए गए (चंदा) का हिसाब जानना चाहा तो इन्होनें (जाकीर खोखर,कोषाध्यक्ष)ऑडिड रिपोर्ट का हवाला देते बात को अलग ही दिशा में ले जाकर जानकारी का अभाव दिखाया।

अंसार खान, हॉकी संघ अध्यक्ष
दुर्ग शहर के मुसलमानों को ध्यान देने योग्य बात हमारे शहर के बाबा हजरत सैय्यद अब्दुल रहमान शाह की दरगाह का काम बंद होना या धीमा होना कहीं ना कहीं हमारे कॉम की शर्मिंदगी का विषय है इतने बड़े शहर में मुसलमानों की एक ही दरगाह 4 साल में भी कंप्लीट नहीं हो पाई सोचने का विषय है और ऐसी क्या बात है एक काम नहीं हो रहा है पहले तो लगातार काम चलता रहा कमेटी बदलने के बाद काम सुस्त हो गया है इसमें हम सबकों ध्यान देना चाहिए क्योंकि हमारे शहर की आस्था का केंद्र है मैं सभी से गुजारिश करूंगा इस कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश करें।

साबीर चौहान, जरनल सेक्रेट्री
दगगाह तामीर का कार्य रूक जाना बड़े ही अफसोस की बात है हमनें और हमारी समिति के द्वारा कई बार मिटिंग कर चर्चा करना चाहा मगर कुछ बात नही बन पाई,धीरे धीरे तामीर कार्य रूक गया और आज तक रूका हुआ जिसकी मै घोर निंदा करता हूं ।

हाजी साजीद अली, अध्यक्ष (नई समिति)
जून 2021 को हमने चार्ज संभाला पिछली समिति द्वारा हमकों एक भी पैसा नहीं दिया गया,मात्र चंदा पेटी से प्राप्त लगभग 25 हजार रूपए की राशि और शहर भर से ताऊन की शक्ल में मिलें लगभग 17 लाख रूपए से दरगाह तामीर कार्य को शुरू किया गया और जब हमारे पास फंड की कमी होने लगी तो हमें दरगाह तामीर कार्य को रोकना पड़ा, मगर बहुत ही जल्द फिर से यह रूका हुआ कार्य फिर से शुरू होगा।

असलम खान, रिटायर्ड पुलिसकर्मी
जब से नई समिति को चार्ज मिला तब से इस समिति को ताऊन में मदद नही दिया जा रहा है जिसकी वजह से दरगाह तामीर का कार्य आज तक रूका हुआ है,मगर जो भी गलत है हम सभी को इस तामीर कार्य को रूकने नही देना चाहिए था।
निवेदन,एक गुजारिश :- जिस तरह से छत्तीसगढ़ राज्य वफ्फ बोर्ड के द्वारा मस्जिद, दरगाह सहित अन्य संपत्तियों पर काबिज ओहदेदारों पर कानून के नियमों के तहत जवाबदारी देती है,उसी तरह से राज्य वफ्फ बोर्ड को चाहिए की समय समय पर चल रहे निर्माण व तामीर कार्यो सहित अन्य का जायजा लेकर रूके हुए कार्याे को आगे बढ़ाए अब देखना यह होगा कि अब इस दरगाह तामीर के रूके हुए कार्य को छत्तीसगढ़ राज्य वफ्फ बोर्ड किस तरह से आगे बढ़ाकर तामीर का काम पूरा कराती है।
Thanks………….
