निगम क्षेत्र के 62 सुक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को संपत्तिकर में 100 फीसदी दी जाएगी छूट…

Thecityreportnews@durg. नगर पालिक निगम क्षेत्र के 62 सुक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को संपत्तिकर में 100 फीसदी छूट दी जाएगी। इसका प्रस्ताव सोमवार को दुर्ग के खालसा स्कूल में आयोजित विशेष सामान्य सभा की बैठक में पास किया गया।
इसे अब नगरीय प्रशासन विभाग को भेजा जाएगा। इस प्रस्ताव को पहले महापौर परिषद की बैठक में पास किया गया था। वही उद्योगपतियों ने मान. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से संपत्तिकर में छूट की मांग की थी। व्यापारियों का कहना था कि उद्योग विभाग और नगरीय निकाय को अलग-अलग टैक्स देने की वजह से टैक्स का दोहरा बोझ पड़ रहा है। इसके बाद मान. मुख्यमंत्री के घोषणा अनुरूप शासन ने निर्देश जारी किया कि निकाय प्रस्ताव पारित कर शासन को भेजे। इसी परिप्रेक्ष्य में शासन ने दुर्ग नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 137 के तहत कार्यवाही करने और धारा 163के अनुसार निगम को अपना पक्ष रखते हुए अभिमत और प्रस्ताव मंगाया गया है। इस संदर्भ में विशेष सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने 3 अप्रैल को एक पत्र जारी किया, जो 5 अप्रैल को निकायों और उद्योगपतियों को मिला। इसमें संपत्ति कर में छूट देने के प्रावधान को नियमानुसार नगरीय निकायों के माध्यम से लाने को कहा गया था। इसी संदर्भ में आगे की प्रक्रियाएं शुरू की गई।मूलभूत सुविधाएं हम दे रहे हैं,अत 100 फीसदी ही छूट दे पाना संभव होगा। इस अवसर पर महापौर धीरज बाकलीवाल ने कहा कि नगर में सीएसआईडीसी की भूमि में संचालित 62 सुक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग संचालित है। ऐसे में उद्योगपतियों को संपत्तिकर में 100 फीसदी छूट दिए जाने का प्रस्ताव बहुमत से पारित किया गया।
वही बैठक में विपक्ष पार्षदों ने अपनी आपत्ति भी लगाई साथ ही निगम की विशेष सामान्य सभा में नारेबाजी कर सदन को घेरा इस अवसर पर भाजपा नेताप्रतिपक्ष अजय वर्मा,नरेंद्र बंजारे,ओमप्रकाश सेन,अजीत वैध,नरेश तेजवानी सहित अन्य पार्षदों ने पानी की अव्यवथा को लेकर आवाज उठाया

इस अवसर पर बैठक में मौजूद सभापति राजेश यादव, आयुक्त लोकेश चन्द्राकर,राजस्व विभाग प्रभारी ऋषभ जैन,अब्दुल गनी,संजय कोहले,दीपक साहू,हमीद खोखर, जयश्री जोशी,भोला महोबिया,मनदीप सिंह भाटिया,अनूप चंदानिया,सत्यवती वर्मा,शंकर ठाकुर,नेता प्रतिपक्ष अजय वर्मा,उपायुक्त मोहेंद्र साहू सहित पार्षद एवं अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहें।
