
Thecityreportnews@रायपुर. छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड से पंजीकृत मदरसों में नवीन शैक्षणिक सत्र में मदरसा प्रवेश उत्सव का आयोजन किया जायेगा। कार्यालय छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड में आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक में माननीय अलताफ अहमद जी , अध्यक्ष छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड ने विभिन्न जिलों से आए जिला उर्दू इंचार्जों को संबोधित करते हुए कहा कि शैक्षणिक सत्र 2023-24 में मदरसा प्रवेश उत्सव के माध्यम से शुरूआत की जाएगी। उन्होंने प्रदेश में संचालित मदरसों में गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान करने हेतु मदरसों का सुचारू रूप से संचालन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मदरसा शिक्षकों के मानदेय की समस्या का निराकरण करने हेतु विशेष रूप से प्रयास किया जा रहा है। साढ़े चार वर्ष का मानदेय केन्द्र सरकार द्वारा प्रदान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संचालित पंजीकृत मदरसे भी विद्यालय की तरह हैं। कक्षा 1 से कक्षा 8 तक मदरसों में नियमित कक्षाओं का संचालन किया जाता है। शासकीय विद्यालयों की तरह ही मदरसों में भी एस.सी.ई.आर.टी.द्वारा तैयार किए गए पाठ्यक्रमानुसार पठन-पाठन कराया जाता है। इसके अलावा एक विषय उर्दू भाषा एवं दीनियात का भी अध्ययन कराया जाता है। मदरसों में धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा भी प्रदान की जा रही है। प्रदेश के मदरसों में देशभक्ति का भी पाठ पढ़ाया जाता है। बैठक में उपस्थित जिला उर्दू इंचार्जों ने जिले में संचालित एवं असंचालित मदरसों की जानकारी दी। जिला उर्दू इंचार्जों को समय सीमा में मदरसों की मान्यता वृद्धि कराये जाने के निर्देश दिये गये हैं। मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष श्री अलताफ अहमद ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड द्वारा प्रतिवर्ष हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी पत्राचार पाठ्यक्रम परीक्षा का आयोजन किया जाता है। हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी पत्राचार परीक्षा का पाठ्यक्रम एन.सी.ई.आर.टी.नई दिल्ली तथा छ.ग.माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर के पाठ्यक्रमानुसार है। इसके अलावा उर्दू अदीब एवं उर्दू माहिर प्रमाण-पत्र परीक्षा का भी आयोजन किया जाता है। जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से परीक्षार्थी सम्मिलित होते हैं। बैठक का संचालन करते हुए छ.ग.मदरसा बोर्ड के सचिव डाॅ. इम्तियाज़ अहमद अंसारी ने बताया कि राज्य शासन द्वारा सभी जिलों में निः शुल्क पाठ्य पुस्तकें, शाला गणवेश एवं मध्यान्ह भोजन मदरसों को प्रदान किये जा रहे हैं।
