लोकतंत्र के इस महापर्व के अवसर पर द सिटी रिपोर्ट न्यूज की अपील…..
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में 7 और 17 नवंबर को अपने कीमती मतों का उपयोग जरूर करें….स्वस्थ्य रहिए,खुश रहिए !!
ख़ुर्शीपार का बेटा ही बनेगा विधायक,माँ ने दिया आशीर्वाद,ज़हीर को मिल रहा है व्यापक जनसमर्थन…

Thecityreportnews@भिलाई. विधानसभा चुनाव में अपनी जीत सुनिश्चित करने प्रत्याशी लगातार वार्डों की बैठक ले रहे हैं, जहाँ एक ओर वर्तमान विधायक व दूसरी ओर से पूर्व मंत्री राष्ट्रीय दलों से अपनी ज़ोर आज़माइश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ़ क्षेत्री पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के भिलाई नगर प्रत्याशी ज़हीर ख़ान को मिल रहे अप्रत्याशित जनसमर्थन दोनों दलों को चिंता में डाल दिया है, ज़हीर ख़ान का जन्म खुर्सीपार में ही हुआ है।
श्रमिकों के बीच जन्म लेकर श्रमिकों की सुख दुख से भलीभाँति परिचित होकर अपना पेशा ही ज़हीर ने श्रम क़ानून सलाहकार के रूप में तय किया, जिसका परिणाम है ज़हीर जब खुर्सीपार,छावनी, श्रमिक नगर, आदि क्षेत्र का दौरा करते हैं तो वहाँ के निवासी सहज भाव में हीं ज़हीर के साथ हो लेते हैं, देखते ही देखते वहाँ उपस्थित लोगों की संख्या इकाई से दहाई व सैकड़ों में हो जाती है, जो ज़हीर के साथ क़दम से क़दम मिलाकर पुरे क्षेत्र का दौरा करने लगते हैं।

ऐसा ही एक विलक्षण दृश्य आज ख़ुर्शीपार के वार्ड क्रमांक 50, शास्त्री नगर में देखने मिला जहाँ बस्ती में बैठक के दौरान ज़हीर को देख कर वहाँ उपस्थित एक बुजुर्ग महिला माँ ने ज़हीर को आशीर्वाद स्वरूप गले लगा लिया और बोली इस बार भिलाई का विधायक ख़ुर्शीपार का बेटा ही बनेगा,बैठक के दौरान लोगों ने कहा ख़ुर्शीपार हमेशा से उपेक्षित रहा है हमारे बीच का व्यक्ति विधायक बनेगा तो यहाँ का विकास तेजी से हो पायेगा, अपराध में लगाम लगेगा, युवाओं को सही रोज़गार का अवसर मिलेगा,छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में उन्नति का अवसर मिलेगा,इस कारण से ज़हीर को ही साथ देना है।

ज़हीर को मिल रहे इस समर्थन से दोनों राष्ट्रीय दलों में तनाव बढ़ने लगा है, दोनो दल की रणनीति धरी की धरी रह गई है, दोनों ही दल ज़हीर का काट निकालने में अपने अपने रणनीतिकारों को झोंक दिये हैं,भिलाई का चुनावी समीकरण ऐसा है कि यहाँ,सतनामी समाज, मुस्लिम समुदाय,क्रिश्चियन समाज का रूझान बड़े पैमाने पर ज़हीर की ओर देखने मिल रहा है तो वहीं ओबीसी वर्ग भी बदलाव कर ज़हीर को समर्थन देता दिख रहा है यदि यह समर्थन वोटों में परिवर्तित होता है तो निश्चित ही चुनाव परिणाम काफ़ी रोचक होंगे।
