मै भारतीय रेल का मुसाफिर जो रिजर्वेशन की टिकिट बनाकर कर अपने परिवार सहित जरनल डब्बे से बत्तर हाल में सफर किया जिससे रेलवे को मेरी परेशानी से कोई सरोकार नहीं…
समता एक्सप्रेस ट्रेन में एस 6 बोगी का बुरा हाल,ना आरपीएफ के जवान और ना ही कोई व्यवस्था

द सिटी रिपोर्ट न्यूज@ भारतीय रेलवे का इन दिनों बुरा हाल नजर आया,,यात्रियों की सुविधा देने के नाम पर बस खानापूर्ति कर टिकिट बिक्री कर कमा रही करोड़ो मुनाफा,,,रिजर्वेशन डब्बों का हाल देखते ही जरनल डब्बों की याद ताजा हो जाती है।
ऐसा ही एक मामला जो 18 नवंबर को दुर्ग से आगरा कैंट सफर के दौरान मुझे नजर आया मैने अपने परिवार के साथ ट्रेन नबर 12807 समता एक्सप्रेस के कोच नबर एस 6 में सफर कर रहा हु,इस डिब्बे की हालत देख अपने सफर का कोस रहा हु साथ ही भारतीय रेल के बारे में बहुत कुछ सोच रहा हु,,क्या रेलवे को सिर्फ यात्रियों की टिकिट बिक्री से मतलब है??क्या जीआरपी और आरपीएफ की कोई जवाब दारी नहीं होती की डब्बों में अपनी मर्जी से आए और स्तिथि का जायजा ले ??
सफर में यात्रा कर रहे यात्रियों को बाथरूम तक सुविधा मुहैया नहीं हो पा रही,ट्रेन में लबालब भरे यात्री और उनका सामान मानो ,पूरा समय कब कौन उतर रहा और जगह खाली हुई की नही इस चिंता में अपने ही बर्थ में 6 लोगो को बैठाकर सफर कटता रहा,,मगर भारतीय रेलवे को यात्रियों की परेशानी का कोई सरोकार नहीं???
रेलवे यात्रियों को परेशान कर रेलवे कर रहा करोड़ो की दोहरी कमाई
जिस तरह से आम लोग अपने सफर में जाने से पहले सुविधाओं के लिए रिजर्वेशन कर अपने सफर की फ्लानिग करते है ,वही भारतीय रेल इन सभी सुविधाओं को दर किनार कर अपनी दोहरी कमाई के चक्कर में पहले रिजर्वेशन करने वालो से पैसा वसूल करता है और साथ ही सैकड़ों लोगो को उसी दिन उसी ट्रेन में वेटिंग की टिकिट भी रिलीज कर देता है जिससे सफर कर रहे दोनो यात्रियों से पैसा वसूल कर रेलवे पुरे सफर में सिर्फ यात्रियों को कोई सुविधा न देकर अपना पल्ला झाड़कर दोहरी कमाई करता है??
139 डायल का क्या फायदा..
रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधाओं के लिए 139 डायल करने का प्रावधान रखा गया है मगर जब आप उसे मुसीबत के वक्त डायल करे तो पता चलेगा का या तो वो लाइन व्यस्त है या फिर सामने वालो को हमारी आवाज ठीक तरह से नहीं पहुंच पा रही है ऐसे में वह व्यक्ति इंतजार करे की अपनी मुसीबत से निपटने प्रयास करे ऐसे हाल में रेलवे ने यात्रियों की सुविधाओं और शिकायती के लिए कोई भी एसएमएस की सुविधा नहीं रखी है जिस पर अपनी सारी परेशानी लिख यात्री शिकायत या अवगत करा सके,,,नाम मात्र के लिए 139 की रखी गई है सुविधा।।

ट्रेनों को खस्ता हाल लचर व्यवस्था के चलते रिजर्वेशन कोच में सफर कर यात्रियों की कोई सुध लेने वाला नही,,महीनो पहले से यात्री सफर में परेशानियों से बचने के लिए रिजर्वेशन करता है और उस रिजर्वेशन डब्बे की हालत जरनल डब्बों से भी बत्तर जहा सॉस लेने तक का भी कोई जगह न मिले???
आखिर किस तरह से सुधरेगी भारतीय रेल की व्यवस्था?? कहा गए जीआरपी और आरपीएफ के जवान???
समता एक्प्रेस 12807 एस 6 बर्थ नबर. 77,78,79,80,,,मोबाइल 9827926717
वही हाल वापसी में आगरा कैंट से दुर्ग के सफर में नजर आया??

12410 गोड़वाना सुपर फास्ट एक्सप्रेस के S2 में बर्थ 66,67,68,71 में भी बत्तर स्तिथि नजर आई लोग जरनल बोगी से भी बत्तर हाल कर डब्बे में चढ़ कर रिजर्वेशन सीट पर बैठे यात्रियों को लगातार प्रभावित करते नजर आए ,,ना तो वॉशरूम जाने का रास्ता ना ही अपने ही सीट पर ठीक तरह से बैठ पाना सब भारतीय रेल द्वारा की गई सुविधाओं को झेलता मुसाफिर अपना सफर तय करता है और ना तो कोई टीटी और ना ही कोई जीआरपी या आरपीएफ के जवान डब्बे में पहुंच ये नही पूछता की तुम्हारी टिकिट कहा है और यहा कैसे बैठे हो???
निवेदन,,,रेल्वे के महाप्रबंधको से
भारतीय रेलवे के महाप्रबंधकों से मेरा निवेदन है की जमीनी धरातल में पहुंच इसकी जांच कराए और खुद आम नागरिक बनकर सफर करे और देखे की किस तरह से आप ने सुविधा दे रखी है और किस तरह से उस सुविधाओं की धज्जी उड़ाई जाती है जिसे रेलवे के कर्मचारी,जीआरपी,आरपीएफ देख अपनी आंख मिच लेते है,,,जिस तरह भारतीय रेलवे का नाम सबसे ज्यादा सफर कर रहे लोगो को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में अपनी बेहतर सुविधा मुहैया कराता है वही इसके साथ उन सभी यात्रियों की सुविधा और परेशानियों को दूर करने कोई बेहतर योजना बनाए जिससे आम यात्री अपने परिवार के साथ सफर दौरान किसी भी परेशानी से मुक्त होकर सिर्फ सफर का लुफ्त उठा पाए।
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