दुर्ग स्तिथ गंगोत्री हॉस्पिटल को मरीज तौकीर आलम के उपचार के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा…
ट्विंसिटी में इन दिनों निजी अस्पतालों में लापरवाही के साथ मरीजों की जिन्दगी से खिलवाड़ कर पेसो की उगाई कर पीड़ित परिजनों को परेशान करने का मामला सहित बीएएमएस डिग्री ( बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी ) प्राप्त डॉक्टर ट्रेनिंयो द्वारा एलोपैथी चिकित्सा पद्धति के संचालित अस्पताल में अपनी सेवाएं देने की जानकारी मिली है जिस पर संज्ञान लेते हुए दुर्ग जिला नर्सिंग होम एक्ट के तहत अधिकारी ने सबंधित अस्पतालों को नोटिस जारी किया है…


द सिटी रिपोर्ट न्यूज@दुर्ग
आपको बता दे कि दुर्ग जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार करवाई जा रही है इसी क्रम में दुर्ग जिला नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉक्टर अनिल शुक्ला के द्वारा एक नए मामले का खुलासा करते हुए बताया कि उनके पास मीडिया सहित विभिन्न सोशल मीडिया के माध्यम से दुर्ग शहर सहित जिले में बीएएमएस डॉक्टर के द्वारा एलोपैथी अस्पतालों का आयुष्मान कार्ड से अधिमान्यता प्राप्त करने के बाद एलोपैथी चिकित्सा पद्धति से मरीजों का इलाज कर रहे हैं जिसके दो-तीन शिकायतें दुर्ग जिला नोडल अधिकारी के पास पहुंची है।

गौरतलब है कि विगत एक वर्षों से दुर्ग शहर सहित जिले में नर्सिंग से जुड़ी नर्सिंग एक्ट से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं सहित लगातार कार्रवाई की जा रही है इसी क्रम में अब एक नए मामले का खुलासा हुआ है जहां दुर्ग शहर में संचालित राजवंशी अस्पताल इसके संचालक बीएमएस डॉक्टर बताए जाते हैं वहीं इसके साथ ही कुछ ऐसे ही भिलाई के गायत्री हॉस्पिटल में bams छात्रों द्वारा इंटर्नशिप जो की एलोपैथी से संचालित अस्पताल है वहां पर कार्य कर रहे हैं जिसकी जानकारी दुर्ग जिला नोडल अधिकारी को मिली और उन्होंने वहां पर अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया और तत्काल कार्रवाई करते हुए अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी किया है।वही पिछले दिनों भी इसी तरह की लापरवाही पाए जाने पर जिला नोडल अधिकारी अनिल शुक्ला ने डॉ. बलजीत कौर, स्त्री रोग विशेषज्ञ, श्री शंकराचार्य इंस्टीट्युट से स्पष्टीकरण का जवाब संतोषप्रद नहीं होने के कारण पुनः जवाब प्रस्तुत कर नोटिस जारी किया वही भिलाई स्तिथ गायत्री अस्पताल और दुर्ग में स्तिथ गंगोत्री हॉस्पिटल को मरीज तौकीर आलम के उपचार के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा था जिसका जवाब भी संतोषप्रद नही होने पर दुबारा नोटिस जारी किया है।बहरहाल जिस तरह से शहर में स्तिथ निजी अस्पतालों की लापरवाही और आयुष्मान कार्ड का खेल उजागर हो रहा है अब देखना होगा कि इसमें मामले में दुर्ग कलेक्टर या जिला प्रशासन किस तरह से संज्ञान लेकर दोषियों पर कार्रवाई कर आम जनता को सुविधा मुहैया कराते है।
क्या नर्सिंग होम एक्ट नोडल को है अधिकार…???
जिस तरह से ट्विंसिटी में नर्सिंग होम एक्ट नियमो के उलंघन और मिली लापरवाहियों में निजी अस्पतालों पर शिकंजा कसा जा रहा है वही कुछ दबी जुबान से सूत्रों के मुताबिक मिल रही जानकारी के अनुसार नर्सिंग होम एक्ट नोडल के नोडल अधिकारी अनिल शुक्ला की कार्य प्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगाया जा रहा है ….क्या ये सब कार्यवाही किसी स्वार्थवश की जा रही है…?? मिली जानकारी के अनुसार नर्सिंग होम एक्ट के अनुसार कलेक्टर को निजी अस्पतालों को नोटिस/ कार्यवाही करने का अधिकार है मुख्य चिकित्सा अधिकारी कलेक्टर के निर्देश अनुसार कार्यवाई कर सकते हैं। नोडल अधिकारी किस अधिकार के अनुसार नोटिस पर नोटिस दे रहे हैं ये उच्च अधिकारियों को संज्ञान लेना चाहिए??
अब देखना यह होगा कि दुर्ग जिला कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी और मुख्य चिकित्सक अधिकारी जय प्रकाश मेश्राम द्वारा पूरे मामले को संज्ञान में लेते हुए निष्पक्ष रूप से जाँच कर कार्यवाही कर दोषी निजी अस्पतालों और सबंधित डॉक्टरों पर करवाई करते है।
कर्मशः अगले पोस्ट में… बात अभी बाकी है…√√√
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