कुंभ का आयोजन कैसे प्रारंभ हुआ और उसका क्या आध्यात्मिक महत्व है इस पूरी कहानी को नृत्य के माध्यम से बताया गया…

TheCityReportNews@Durg
नवीन शासकीय संगीत महाविद्यालय, दुर्ग के भरतनाट्यम विभाग में कार्यरत डॉ संगीता चौबे (अतिथि प्राध्यापक भरतनाट्यम) ने अपने समूह के साथ प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ की सांस्कृतिक संध्या में अपनी नृत्य प्रस्तुति दी।
महाकुंभ के बिरसा मुंडा मंच पर इन्होंने ” कुंभ की कहानी नृत्य की जुबानी ” शीर्षक से नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी। इस नृत्य नाटिका में कुंभ का आयोजन कैसे प्रारंभ हुआ और उसका क्या आध्यात्मिक महत्व है इस पूरी कहानी को नृत्य के माध्यम से बताया गया। इसके लिये डा. संगीता चौबे ने भरतनाट्यम के साथ कथक नृत्य विधा का भी समिश्रण किया।

प्रयागराज कुंभ मैदेश विदेश से आए दर्शकों ने इस नृत्य नाटिका में खूब सराहा और तालियों से अपनी खुशी जाहिर की। इस नृत्य नाटिका की संरचना संगीत एवं विषय वस्तु सभी कुछ डा. संगीता चौबे ने निर्देशित किया।

इस अदभुत प्रस्तुति के लिये उत्तर प्रदेश सांस्कृतिक विभाग द्वारा, अंग वस्त्र, स्मृति चिन्छ एवं प्रमान-पत्र देकर सम्मानित डिया गया। इस इस नृत्य नाटिका के प्रदर्शन में डा. संगीता चौने क साथ डाली ऊके, वाणी वर्मा एवं श्वेता श्रीवास ने दिया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ ऋचा ठाकुर एवं समस्त महाविमालय परिवार ने इस सफल प्रदर्शन के लिये बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
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