TheCityReport@durg. बचपन हंसेगा ओर खेलेगा जब मां पहचानेगी निमोनिया के लक्षण एक कार्य शाला मे स्वास्थ्य विभाग ने अपने स्वास्थ्य कर्मियों को निमोनिया के प्रति माताओ को जागरूक करने निर्देश दिया भारत सहित सभी राज्यों मे नवजात शिशुओं की मुत्यु का बडा कारण निमोनिया है प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भिलाई 3 मे विश्व निमोनिया दिवस पर गंभीर चिंतन किया गया बीईईटीओ व स्वास्थ्य सुपरवाइजर सैय्यद असलम ने बताया कि भारत सरकार व छत्तीसगढ़ शासन लोक स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण कार्यक्रम का सांस (Saans) प्रोग्राम चला रहा है जिसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रो मे पदस्थ स्वास्थ्य संयोजक व संयोजिका (एएनएम),सी एच ओ (सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी) ओर चिकित्सकों को पैदा होते ही बच्चो मे निमोनिया के लक्षणों व निदान व उपचार सहित गंभीर प्रकरणों मे उच्च संस्थान मे रिफरल के साथ आवश्यक सावधानी बरतने का प्रशिक्षण देकर नवजात शिशुओं को निमोनिया से बचने ओर मृत्यु रोकना प्रमुख उद्देश्य है इस संदर्भ मे बी एम ओ पाटन ने बताया कि निमोनिया हर आयु मे होता है निमोनिया से बचने प्रतिरोध क्षमता बढाने टीकाकरण सारणी मे टीका उपलब्ध है इसलिए नवजात शिशुओं की माताओ को जागरूक होना चाहिए निमोनिया के तीन स्तर है साधारण, गंभीर ओर अति गंभीर सभी स्तर पर चिकित्सकों का मार्गदर्शन व उपचार जरूरी है डा कीर्ति तिर्की ,डां आयशा परवीन ,व डां भुनेश्वर कठौतिया ने बताया कि सांस का तेज चलना जिसे साधारण भाषा मे पसली चलना कहते है सासं लेने मे सीने से सिटी नुमा आवाज आना नवजात ,सासं फूलना इसके अलावा ठंड मे कफ कोल्ड (सर्दी खांसी) जुकाम को अनदेखा करना घातक हो सकता है एल एच व्ही डा रंजू विश्वास ओ श्रीमती ए दत्ता ने बताया कि घरेलू उपचारों मे नवजतो का गर्म कपडे पहनना, मालिश करना ओर साथारण घूप मे बच्चों को 10 मिनट रखना चाहिए बडो व्यक्ति जिन्हें दमा,सांस कप ओर सर्दी जुकाम रहता है उन्हें भी ठंड मे बेहद सर्तक रहना चाहिए ।
