औषधि प्रतिष्ठान नियमों का पालन करते हुए ही कर सकेंगे दवाओं का संग्रहण एवं क्रय-विक्रय…

TheCityReportNews@Chhattisgarh/Bhilai-Durg
औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन पाए जाने पर औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी एवं सहायक औषधि नियंत्रक द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए मेसर्स मानिक मेडिकल स्टोर्स, अहिवारा का औषधि लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, विगत 16 जून 2026 को सहायक औषधि नियंत्रक संजय सिंह झडेकार एवं औषधि निरीक्षक गायत्री पटेल द्वारा मेसर्स मानिक मेडिकल स्टोर्स, बस स्टैण्ड के सामने, अहिवारा, जिला-दुर्ग (छ.ग.) का औचक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान उक्त संस्थान में अन्य औषधियों के साथ अनवांटेड किट/एम.टी.पी. किट का एक नग पाया गया।
संचालक ने उक्त औषधि से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज या बिल प्रस्तुत करने में असमर्थता जाहिर की…

मौके पर संचालक द्वारा इस संवेदनशील औषधि के संबंध में कोई भी वैध क्रय-विक्रय रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया गया। अवैध रूप से दवा रखने और रिकॉर्ड न होने के कारण फर्म को विगत 24 जून 2026 को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था।
इस संबंध में फर्म द्वारा 30 जून 2026 को कार्यालय में अपना जवाब प्रस्तुत किया गया, जिसमें संचालक ने उक्त औषधि से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज या बिल प्रस्तुत करने में असमर्थता जाहिर की।
फर्म के इस कृत्य को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 एवं नियमावली 1945 के नियमों का स्पष्ट और गंभीर उल्लंघन मानते हुए, औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी एवं सहायक औषधि नियंत्रक संजय सिंह झडेकार द्वारा 06 जुलाई 2026 को मेसर्स मानिक मेडिकल स्टोर्स, अहिवारा को स्वीकृत औषधि लाईसेंस/अनुज्ञप्ति को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।
कार्यवाही के उपरांत, सहायक औषधि नियंत्रक ने जिले में संचालित समस्त औषधि प्रतिष्ठानों के संचालकों को कड़ा संदेश देते हुए आग्रह किया है कि वे एम.टी.पी. किट एवं ऐसी अन्य औषधियां जिनका नशे या अन्य रूप में दुरूपयोग संभव है, उनका संग्रहण, क्रय एवं विक्रय पूरी पारदर्शिता और औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 तथा नियमावली 1945 के नियमों के तहत ही करें। भविष्य में भी इस संबंध में किसी भी प्रकार का उल्लंघन या लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार सख्त दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।
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