विश्वविद्यालय में कार्यरत 151 दैनिक वेतन भोगी कार्यरत है। जो कि 2013 से 2020 तक न्यूनतम वेतन से कम वेतन प्रदान किया गया है…

TheCityReport@durg. समस्त दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के द्वारा छत्तीसगढ़ लघु वेतन शास. चतुर्थ वर्ग कर्मचारी संघ, दुर्ग के बैनर तले मंगलवार से अनिश्चितकालीन कामबंद हड़ताल एवं 24 नवम्बर से दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी दिनेश कुमार वर्मा के द्वारा आमरण अनशन किया जाने को लेकर काम बंद हड़ताल पर बैठ गए है गौरतलब है कि विश्वविद्यालय में कार्यरत 151 दैनिक वेतन भोगी कार्यरत है। जो कि 2013 से 2020 तक न्यूनतम वेतन से कम वेतन प्रदान किया गया है, जो कि छत्तीसगढ़ शासन न्यूनतम वेतन अधिनियम का उल्लंघन है।


इस संबंध में सहायक श्रम आयुक्त एवं मुख्यमंत्री निवास द्वारा वेतन कटौती को नियम विरुद्ध मानते हुए वेतन कटौती की सवा करोड़ की राशि वापस करने हेतु आदेशित किया गया है। वहीं एक वर्ष से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बाद भी उक्त वेतन कटौती की राशि एरियर्स के रूप में भुगतान नहीं किया गया साथ ही अन्य मांगो के संबंध में संतोषजनक कार्यवाही नही दिए जाने से आक्रोशित कर्मचारियों ने अपनी सात सूत्री मांगों के संबंध में कामबंद एवं हडताल किया
