माननीय मजिस्ट्रेट ने 13 अक्टूबर 2023 को निगम आयुक्त लोकेश चंद्राकर को तीन सप्ताह के अंदर प्रक्रिया व शुल्क के भुगतान के लिए जारी किया नोटिस…

Thecityreportnews@दुर्ग. नगर पालिका निगम दुर्ग की भ्रष्ट नीति का एक मामला और सामने आया है। जिसमें निगम कर्मचारी के सेवानिवृत्ति होने के पूर्व हाईकोर्ट बिलासपुर के आदेश को अनदेखा करते हुए लापरवाही पूर्वक कर्मचारी को हाईकोर्ट के आदेश अनुसार न ही पद दिया गया और ना ही राशि का भुगतान किया गया ।
इस संबंध में पीडि़त कर्मचारी अनिल मनहरें ने अपनी जानकारी में बताया कि वह नगर निगम दुर्ग में वर्ष 1989 से दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्यरत था नगर निगम दुर्ग ने 2008 में उसे पंप अटेंडेंट के पद पर नियमितकारण दी। इस कर्मचारी के पास सहायक ग्रेड 3 लिपिक ग्रेड का सभी क्वालिफिकेशन था। जिसे उसने नगर निगम में दुर्ग में जमा भी किया था बावजूद उन्हें 2008 के पम्प अटेण्डेंट पद पर नियतिकारण दे दी गई ।
वही मिली जानकारी के अनुसार नगर निगम दुर्ग में निगम कर्मचारी संतोष मिश्रा जो की 1990 से दुर्ग निगम में दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्यरत थे निगम ने उन्हें वर्ष 2001 में सहायक ग्रेड 3 पद पर नियमितिकरण दे दी। इस संबंध में अनिल मनहरें के द्वारा आपत्ति ली गई। आपत्ति के आधार पर संतोष मिश्रा के नियमितीकरण आदेश को निरस्त किया गया। इस पर संतोष मिश्रा ने हाई कोर्ट से स्टे ले आया । स्टे के आधार पर संतोष मिश्रा नगर निगम दुर्ग में सहायक ग्रेड 3 के पद पर नियमित रूप से बने रहे।
अनिल मनहरें के द्वारा इस संबंध में नगर निगम दुर्ग को बार-बार पत्र देकर अवगत कराते रहे की संतोष मिश्रा उनसे कनिष्ठ हैं वह संतोष मिश्रा से वरिष्ठ हैं उन्हें 2001 से सहा. ग्रेड 3 पद पर नियमित किया जावें । परंतु निगम ने अनिल मनहरें की मांग नहीं मानी। जिसके कारण उन्हें हाईकोर्ट बिलासपुर में याचिका दायर करना पड़ा ।
उन्होंने बताया कि उनकी सेवा निवृत्ति 31 जुलाई 2023 को हुई है। इसके पूर्व माननीय उच्च न्यायालय हाई कोर्ट ने 11 मई 2023 को याचिका की सुनवाई की और अनिल मनहरे के पक्ष में आदेश जारी किया गया की अनिल मनहरें को निगम के कनिष्ठ कर्मचारी संतोष मिश्रा को जो लाभ 4 जून 2001 से दी गई है वही लाभ वरिष्ठ कर्मचारी याचिकाकर्ता को दिया जावे। साथ ही दैनिक वेतन और नियमित कर्मचारी सेवा अवधि के पीरियड का 40 प्रतिशत अंतर राशि का भुगतान तीन माह के अंदर किया जावे ।
अनिल मनहरे की सेवानिवृत्ति के दो माह पहले हाई कोर्ट बिलासपुर के आदेश को नजरअंदाज करते हुए निगम आयुक्त लोकेश चंद्राकर के द्वारा आदेश अनुसार अनिल मनहरे को सहायक ग्रेड 3 पद का आदेश नहीं दिया और ना ही तीन माह पूरा होने के बाद भी अंतर की राशि का भुगतान नहीं किया गया।
इस संबंध में अनिल मनहरे के द्वारा आयुक्त के खिलाफ 11 अक्टूबर 2023 को अवमानना का केस दायर किया गया। जिसमें माननीय पार्थ प्रीतम साहू मजिस्ट्रेट ने 13 अक्टूबर 2023 को निगम आयुक्त लोकेश चंद्राकर को तीन सप्ताह के अंदर प्रक्रिया व शुल्क के भुगतान के लिए नोटिस जारी की है ।
