भूपेश सरकार के समय में बनाया गया गोठान भाजपा सरकार में बंद पड़ा हुआ है…
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द सिटी रिपोर्ट न्यूज़@दुर्ग
दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड में एक सरपंच ने चंद रुपए की बचत के लिए बेजुबान गायों की जान ले ली। उसने किसानों की फसल को बचाने के लिए खुद से एक कमेटी बनाकर सभी मवेशियों को गोठान में बांध दिया। वहां चारा पानी ना मिलने से 13 मवेशियों की भूख प्यास से मौत हो गई।
आपको बता दे कि ऐसे बेजुबान गाय और उसके बछड़े के पड़े शव को देख दिल झकझोर देने वाला ये मामला नंदिनी थाना क्षेत्र अंतर्गत अहिरवारा के ग्राम पंचायत गोढ़ी का है। जहा कांग्रेस के भूपेश सरकार के समय में बनाया गया गौठान संचालित था वही अब भाजपा के विष्णु सरकार में बंद हो गया। जिसके चलते गोठान में रहने वाले मवेशी अन्यंत्र घूमने लगे।
गांव के पंच पती डोमार सिंह पाल ने गोवंश की हत्या के लिए सरपंच गोपी साहू को जिम्मेदार ठहराया…

इसी कड़ी में कुछ किसानों ने यहां के सरपंच गोपी साहू से उनकी फसल चरने की चिंता जताई जहां गांव के पंच पती डोमार सिंह पाल ने गोवंश की हत्या के लिए सरपंच गोपी साहू को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि किसानों की फसल को चरने से बचाने के लिए सरपंच ने एक कमेटी बनाई। उस कमेटी में अपने लोगों को रखा। सरपंच ने किसानों से वादा किया कमेटी सभी की मदद लेकर सभी मवेशियों के चारा पानी की व्यवस्था करेगी।
जिसके बाद गांव के सभी गोवंश को गोठान में छोड़ दिया गया उसके बाद ना तो सरपंच और ना उसकी कमेटी के किसी सदस्य ने यह ध्यान दिया और ना ही वहा झांकने गए जिसके चलते चारा पानी के अभाब में बेजुबान गोवंश तड़प कर भूख प्यास से मर गए।
फसल बचाने के चक्कर में सरपंच ने बनाई थी कमेटी,अहिरवारा के ग्राम पंचायत गोढ़ी का मामला…

इस दौरान उन्होंने कहा कि 13 से अधिक गोवंश गोठान के अंदर भूख प्यास से तड़प कर मर गए। जब गांव के लोगों को गौठान से मवेशियों के सड़ने की गंध आई तब सरपंच को ध्यान आया। तो उसने आनन फानन में मामले को दबाने के लिए वहां पड़े मवेशियों के शव और उनके कंकाल को ट्रैक्टर में भरकर दूसरी जगह फेंक दिया। इस दौरान मौके पर पहुंची पशु विभाग की टीम ने कुछ मवेशियों को अपने कब्जे में लिया और उनका पीएम कराया है।
इस घटना में पीएम रिपोर्ट आने का इंतजार…
धमधा जनपद पंचायत के सीईओ किरण कौशिक ने बताया कि उन्होंने मवेशियों के शव का पीएम कराया है। ऐसा कहा जा रहा है कि निमोनिया नामक बीमारी होने से उनकी मौत हुई है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण पता चल पाएगा कि उनकी मौत कैसे हुई।
यदि कमेटी बनी तो मौत के लिए वही जिम्मेदार…
जनपद पंचायद धमधा के सीईओ किरण कौशिक का कहना है कि उन्हें किसी भी तरह की कमेटी के बारे में कई जानकारी नहीं है। यदि सरपंच ने इस तरह की कोई कमेटी बनाई थी और चारा पानी की व्यवस्था नहीं की तो सभी गोवंश की मौत के लिए वो कमेटी और सरपंच जिम्मेदार माने जाएंगे।
राज्य सरकार हर गोवंश के पीछे देती है बजट…
छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार द्वारा सभी गोशालाओं को प्रति गोवंश के पीछे 25 रुपए का अनुदान दिया जाता है। विष्णुदेव सरकार ने तो इस राशि को बढ़ाकर 35 रुपए कर दिया है। इसके बाद भी अहिरवारा क्षेत्र में गोवंश की इस तरह मौत होना जमीनी हकीकत को दिखा रहा है कि गोवंश की रक्षा के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
भाजपा सरकार में प्रदेश भर के गोठान हुए बीरान…
प्रदेश में भाजपा की सत्ता आने के बाद भूपेश सरकार के समय में शुरू की गई नरवा, गरुवा और बाड़ी योजना को बंद कर दिया गया। इसके प्रदेश भर में बने सभी गोठान बीरान हो गए। जिन गोठानों में बर्मी कंपोस्ट खाद, इत्र, पेंट, रंगोली बनाई जाती थी। जहां गोवंश को अच्छे से रखा जाता था,उनके खाना पानी की व्यवस्था होती थी, वो आज बीरान हो गए हैं वहां गोवंश को मरने के लिए बांधा जा रहा है।
गो सेवक पहुंचे एफआईआर दर्ज कराने…
अहिरवारा क्षेत्र में हुई इस घटना ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया है। माधव सेना रायपुर से आए गो सेवक नरेश चंद्रवंशी ने इस घटना की निंदा की है। वो अपने गोसेवक साथियों के साथ बुधवार को नंदिनी थाने पहुंचे और मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की। जिसमें थाना प्रभारी मनीष शर्मा ने कहा कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद वो मामला दर्ज करेंगे। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद यदि कोई दोषी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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