डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, ए.सी.सी. जामुल में आयोजित…

The City Report News@Bhilai
पुलिस विभाग द्वारा डीएवी पब्लिक स्कूल, ए.सी.सी. जामुल में सड़क सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और महिला सुरक्षा पर एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और स्टाफ को सुरक्षित एवं ज़िम्मेदार व्यवहार अपनाने तथा नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों और कानूनों की जानकारी प्रदान करना था।
आज की बदलती जीवनशैली में सुरक्षा जागरूकता के बढ़ते महत्व पर प्रकाश…
यह कार्यक्रम जामुल पुलिस थाना के थाना प्रभारी श्री रोमेंद्र सिंह (टी.आई.) के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
उन्होंने आज की बदलती जीवनशैली में सुरक्षा जागरूकता के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डालते हुए हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग, ट्रैफ़िक संकेतों का
छात्रों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने बताए उपाय…

पालन तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फ़ोन का प्रयोग न करने जैसे आवश्यक सड़क सुरक्षा नियमों पर विस्तृत चर्चा की।
साइबर सेल, दुर्ग के उप-निरीक्षक डॉ. संकल्प राय ने छात्रों को , ऑनलाइन धोखाधड़ी, पासवर्ड सुरक्षा, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और व्यक्तिगत
जानकारी ऑनलाइन साझा करने से होने वाले खतरों के बारे में जागरूक किया। उन्होंने बच्चों को इंटरनेट
संदिग्ध गतिविधि की सूचना देवे…
का सतर्कता के साथ उपयोग करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने के लिए प्रेरित किया।
महिला प्रकोष्ठ, दुर्ग की उप-निरीक्षक श्रीमती संगीता मिश्रा ने छात्राओं को आत्मरक्षा, महिला सुरक्षा
हेल्पलाइन, कानूनों एवं सुरक्षा उपायों के बारे में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने छात्राओं को आत्मविश्वासी
गुड टच’ और ‘बैड टच’ के बारे में सरल और उपयोगी दी जानकारी…
रहने, अपने परिवेश के प्रति सजग रहने और किसी भी अवांछित घटना की समय पर शिकायत करने के
महत्व को समझाया। छोटी कक्षाओं के बच्चों को ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ के बारे में सरल और उपयोगी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और अपनी शंकाएँ साझा कीं।
पुलिस विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया…
यह कार्यक्रम अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक रहा। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. बी.पी. साहू ने पुलिस विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समय की मांग हैं और इन्हें नियमित रूप से आयोजित किया जाना चाहिए, ताकि छात्रों में सुरक्षा के प्रति निरंतर जागरूकता बनी रहे।
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