
The City Report News@Durg

संगीत महाविद्यालय, दुर्ग में इस सत्र से प्रथम सेमेस्टर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति का क्रियान्वयन के अंतर्गत संगीत नृत्य विषयों की प्रायोगिक परीक्षाओं का आयोजन किया गया।
परीक्षा में छात्र-छात्राओं ने पूर्ण उत्साह के साथ भाग लिया और अपने-अपने विषयों की पारंपरिक पोशाक में उपस्थित होकर परीक्षा दी, यह महाविद्यालय इंदिरा कला संगीत विवि खैरागढ़ से संबद्ध है।
लोक संगीत के छात्र छात्राओं ने गायन-वादन नर्तन के साथ सुआ नृत्य, राउत, नाचा जैसी छत्तीसगढ़ी लोक शैलियों का सुंदर प्रदर्शन किया।

उनके इतिहास, वेशभूषा पर प्रश्न पूछे गए। भारतनाट्यम के विद्यार्थियों ने आकर्षक पोशाक, मेकअप तथा आभूषणों के साथ कौशलपूर्ण प्रस्तुति दी।
कौशल उन्नयन के अंतर्गत इसके आहार्य पर दक्षता परीक्षा ली गई। परीक्षा में अड़वु अभ्यास, ताल (आरंभिक ताल ज्ञान) की बेसिक समझ की भी जांच की गई।
वहीं हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन में छात्र छात्राओं ने स्वर राग और ताल पर अपनी पकड़ की परीक्षा दी। परीक्षा के बाद विषय विशेषज्ञों ने छात्रों को उनके अपने विषयों पर गहन जानकारी प्रदान की तथा मूल्यांकन किया।

विद्यार्थियों की प्रस्तुतियां सराहनीय रहीं, जिसमें पारंपरिक वेशभूषा एवं तकनीकी कौशल का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ ऋचा ठाकुर ने छात्र छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए बताया कि यह महाविद्यालय अभी अपने आरंभिक चरण में है, कम सुविधाएं हैं एवं अतिथि प्राध्यापको के माध्यम से

ही अध्यापन हो रहा है, इनकी नियुक्ति भी हाल ही में हुई है इसके बाद भी उन्होंने अपना पूर्ण समय देकर संगीत एवं नृत्य शिक्षा की गुणवत्ता प्रदान की।
अतिथि प्राध्यापक डॉ निधि वर्मा, वत्सल तिवारी राजेंद्र कुमार भारती जंघेल, सरला साहू, कार्यालय प्रमुख यशवन्त साहू, गौरव, धनराज भोयर ने सहयोग प्रदान किया।
विशेष रूप से वशिष्ठ विद्यार्थी सुमन, विवेक, वंदना, मंजू, अमन, सुरेश ने अमूल्य सहयोग और संगत प्रदान की। इसकी सैद्धांतिक परीक्षा 15 दिसंबर से आयोजित है ।
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