
TheCityReportNews@Cgnews/durg-Bhilai

दुर्ग सहित पूरे प्रदेश में इन दिनों रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हैं, जिनकी नाक में नकेल कसने में साय सरकार विफल है। इसका मतलब साफ है कि रेत का यह गोरखधंधा सरकार के संरक्षण में ही फलफूल रहा है।
उक्ताशम के आरोप लगाते हुए नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष संजय कोहले, पूर्व नेता प्रतिपक्ष देवकुमार जंघेल, अब्दुल गनी, लिखन साहू, पूर्व पार्षद अमृत लोढ़ा, डॉक्टर छत्रसाल गायकवाड, संजय सिंह, भोला महोबिया, मनोज चंद्राकर, अनिल देवांगन, मनीष यादव, सुरेंद्र ठाकुर, राजकुमार वर्मा, युवराज ठाकुर आदि ने कहा है कि पिछले दिनों धमतरी जिले में रेत के अवैध उत्खनन के कारण दस नरकंकाल मिले थे, जो इस बात का सबूत हैं कि रेत माफिया कब्रिस्तान को भी नहीं बख्श रहे हैं।
अंधाधुंध तरीके से कहीं से भी रेत निकाल रहे है। दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र और अहिवारा क्षेत्र में भी डंके की चोट पर रेत का अवैध उत्खनन हो रहा है। जिससे शासन को करोड़ों रुपये का चूना लग रहा है। बगैर रायल्टी दिए रेत माफिया नदी के पार तक को तोड़ने से भी बाज नही आ रहे हैं और खनिज विभाग का महकमा हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
रेत के इस गंदे धंधे में कई भाजपा नेता भी शामिल हैं। उनके लिए तो सैंया भये कोतवाल तो डर काहे का वाली बात है। पूर्व पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि शासन, प्रशासन ने रेत के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने कड़े कदम नहीं उठाए तो इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पार्टी आंदोलन पर बाध्य होगी।
पूर्व पार्षदों की पहल रंग लाई,सिंचाई विभाग ने तांंदुला जलाशय से पानी छोड़ा

इस बार पड़ रही प्रचंड गर्मी के कारण दुर्ग जिले के लिए जीवन दायनी कही जाने वाली शिवनाथ नदी का जल स्तर तेजी से गिर रहा था। जिससे दुर्ग शहर में भीषण पेयजल संकट की स्थिति निर्मित हो गई।
इस समस्या के समाधान के लिए कांग्रेस के पूर्व पार्षदों ने सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारियों से पुरजोर मांग की थी कि वे तांदुला जलाशय से तत्काल शिवनाथ नदी में पानी छोड़े। अंततः सिंचाई विभाग ने पानी छोड़ दिया। जिसका कांग्रेस के पूर्व पार्षदों ने शिवनाथ नदी में जाकर निरीक्षण किया और सिंचाई विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।
KYC नहीं करा पाई महिलाओं के बारे में सरकार स्थिति स्पष्ट करे…
दुर्ग जिले में महतारी वंदन योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए बड़ी संख्या में पात्र महिला हितग्राही केवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण नहीं करा पाई हैं। इस बारे में महिला व बाल विकास विभाग अथवा राज्य सरकार ने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है।
नतीजतन ऐसी महिलाओं के सामने असमंजस की स्थिति बनी है कि उन्हें मासिक सम्मान निधि की किश्त मिलेगी या नहीं? इस बारे में पूर्व पार्षदों ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा है सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और नियमों का सरलीकरण कर सभी पात्र महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ प्रदान करना चाहिए।
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