
TheCityReportNews@Chhattisgarh/Bhilai-Durg
दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार कृषि विभाग के जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा पाटन विकासखंड में कृषि आदान सामग्रियों के उचित मूल्य पर विक्रय तथा गुणनियंत्रण के उद्देश्य से 08 अगस्त 2026 को निरीक्षण की कार्यवाही की गई। इस दौरान वृंदावन नगर, थाना-अमलेश्वर, विकासखंड-पाटन, जिला-दुर्ग में एक गोदाम में कृषि उत्पाद से भरे गोदाम का निरीक्षण किया गया।



निरीक्षण के दौरान गोदाम में शिवालय क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड विभिन्न कृषि आदान कीटनाशक, जैव उत्प्रेरक एवं कार्बनिक उर्वरक का भंडारण पाया गया। गोदाम में उपस्थित कर्मचारी द्वारा भण्डारित कृषि आदान सामग्रियों के संबंध में लायसेंस एवं अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करने कहा गया किन्तु उनके द्वारा कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर सम्पूर्ण परिसर का सघन निरीक्षण किया गया।
बगैर बैच नम्बर कृषि आदान सामग्रियों का भण्डारण पाया गया…

उक्त गोदाम में विभिन्न कीटनाशक, जैव उत्प्रेरक, अवसान तिथि पश्चात् एवं बगैर बैच नम्बर कृषि आदान सामग्रियों का भण्डारण पाया गया। उर्वरक एवं कीटनाशी निरीक्षक द्वारा कीटनाशी अधिनियम 1968, कीटनाशी नियम 1971 एवं उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश 1985 का उल्लंघन पाए जाने पर 30 से अधिक प्रकार के लगभग 5286 लीटर एवं 4717 कि.ग्रा. कीटनाशक तथा 1380 लीटर एवं 1714 कि.ग्रा. जैव उर्वरक को जब्त कर संबंधित प्रोपाइटर को सुपुर्दगी किया गया।
गोदाम से लगे हुए भवन में भी कृषि आदान सामग्री दिखाई देने पर संबंधित कंपनी के प्रतिनिधि को ताला खोलने हेतु कहा गया, किन्तु उनके द्वारा उक्त भवन की चाबी प्रोपराइटर के पास होने और वह जिले से बाहर होने तथा वर्तमान में उपस्थित नहीं हो पाने की जानकारी देने पर संबंधित भवन को सील बंद की कार्रवाई की गई है, जिसे संस्था के प्रोपाइटर श्री प्रमोद कुमार साहू के समक्ष 09 अगस्त 2026 को खोला गया।
कृषि आदान सामग्रियों का अवैध तरीके से पैकिंग किये जाने की संभावना प्रतीत होने के कारण उक्त पैकिंग सामग्रियों को भी जप्त किया गया…

जिसमें अवसान तिथि के बाद का 450 लीटर एवं 376 किलो कीटनाशक, 1210 किलो जैव उत्प्रेरक तथा 34 बोरियों में कीटनाशक/जैव उत्प्रेरक के खाली रैपर पाया गया। कृषि आदान सामग्रियों का अवैध तरीके से पैकिंग किये जाने की संभावना प्रतीत होने के कारण उक्त पैकिंग सामग्रियों को भी जप्त किया गया है।
उप संचालक कृषि संदीप भोई ने बताया कि एक गोदाम में एक मालवाहक का निरीक्षण किया गया, जिसमें भी कीटनाशक एवं जैव उत्प्रेरक का भण्डारण पाया गया। गोदाम में कॉर्टेक्स एग्रो साइंस प्राइवेट लिमिटेड के नाम से अवैध रूप से कीटनाशक एवं जैव उत्प्रेरक का भंडारण एवं विक्रय का कार्य किया जा रहा था।
कीटनाशी अधिनियम 1968, कीटनाशी नियम 1971 एवं उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश 1985 का उल्लंघन पाए जाने पर दो गोदाम मे लगभग 20 से अधिक प्रकार के लगभग 2100 लीटर से अधिक मात्रा मे कीटनाशक एवं 2170 किलो कीटनाशक और जैव उत्तप्रेरक को जप्त कर दोनों गोदाम को सीलबंद किया गया है।
गोदाम में खाली कंटेनर, उपयोग किए हुए खाली बोरे, विभिन्न विभिन्न प्रकार के लेवल भी पाया गया…
कार्यवाही संबंधित कंपनी कॉर्टेक्स एग्रो साइंस प्राइवेट लिमिटेड के संचालक दुर्गा प्रसाद शर्मा की उपस्थिति में की गई। गोदाम में खाली कंटेनर, उपयोग किए हुए खाली बोरे, विभिन्न विभिन्न प्रकार के लेवल भी पाया गया, जिसमें कीटनाशक एवं जैव उर्वरकों का अवैध रूप से पैकिंग का कार्य किये जाने की संभावना है।
विभाग के निरीक्षण दल द्वारा दोनों कंपनियों के 04 गोदाम से 50 से अधिक प्रकार के लगभग 10124 लीटर एवं 1884 कि.ग्रा. कीटनाशक तथा 1840 लीटर एवं 3665 कि.ग्रा. जैव उर्वरक को जब्त किया जाकर संबंधित प्रोपाइटर को सुपुर्दगी कर कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। उक्त कृषि आदान सामग्रियों के गुणवत्ता परीक्षण हेतु नमूना संग्रहित कर अधिसूचित प्रयोगशाला में भेजने की कार्यवाही की गई है।
आगे भी किसानों को खाद/कीटनाशक की किल्लत पैदा करने वाले, कालाबाजारी करने वाले या बिना वैध दस्तावेजों के अमानक उर्वरक कीटनाशक औषधि विक्रय करने वाले कृषि केन्द्रों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी…
उप संचालक कृषि संदीप भोई के नेतृत्व में जिला स्तरीय दल में सुमन कुमार कोर्राम, सहायक संचालक कृषि सह जिला निरीक्षक, थानेश्वर मेश्राम, कृषि विकास अधिकारी, लुकेश साहू, सर्वेयर, रौनक सिन्हा, भृत्य सम्मिलित थे।
कार्यवाही के दौरान विकासखण्ड पाटन के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पुष्पा रामटेके,ललिता साहू, क्षेत्रीय निरीक्षक हरीश कुमार वर्मा, कृषि विकास अधिकारी किर्तीलता वर्मा, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा भी कार्यवाही में सहयोग किया गया।
आगे भी किसानों को खाद/कीटनाशक की किल्लत पैदा करने वाले, कालाबाजारी करने वाले या बिना वैध दस्तावेजों के अमानक उर्वरक/कीटनाशक औषधि विक्रय करने वाले कृषि केन्द्रों पर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 एवं कीटनाशक अधिनियम 1968 के तहत कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
सभी उर्वरक/कीटनाशक विक्रेताओं एवं समितियों को किसानों को निर्धारित दर पर ही कृषि आदान सामग्री उपलब्ध कराएं, अधिक मूल्य वसूली की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। विभाग द्वारा खरीफ सीजन में उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी की जा रही है।
किसान भाई किसी भी प्रकार की कृषि आदान सामग्री वितरण में अनियमितता पाये जाने पर इसकी शिकायत नजदीकी कृषि विभाग के कार्यालय में कर सकते हैं।
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