मुख्य अतिथि मंजू लोढ़ा ने ग्रामीण संस्कृति को बताया समाज की अमूल्य धरोहर…
लोक गायक जमीन खान व गायिका रिंकल ने बांधा समां…

TheCityReportNews@Chhattisgarh/Bhilai-Durg/भीनमाल
निकटवर्ती बागोड़ा तहसील क्षेत्र के नांदिया गांव में मातृभक्त मुरारदान स्मृति सेवा संस्थान नांदिया के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय नमामि मात नांदिया महोत्सव-2026 का भव्य आयोजन किया गया ।



मीडिया प्रभारी माणकमल भंडारी ने बताया कि जन्माष्टमी एवं विसर्जन दिवस के अवसर पर आयोजित महोत्सव में धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं ग्रामीण परंपराओं से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम हुए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं आसपास के क्षेत्र के लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सफल उद्यमी एवं कवयित्री मंजू लोढ़ा रहीं। उन्होंने नांदिया पहुंचकर महोत्सव में भाग लिया और ग्रामीण संस्कृति, लोक परंपराओं एवं गांवों की सामाजिक एकजुटता पर अपने विचार रखे। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम हमारी जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं।
ग्रामीण संस्कृति हमारी पहचान है : मंजू लोढ़ा
मुख्य अतिथि मंजू लोढ़ा ने कहा कि ग्रामीण संस्कृति केवल परंपराओं का संग्रह नहीं, बल्कि हमारी पहचान और हमारी जड़ों की ताकत है। गांवों में आज भी आपसी प्रेम, भाईचारा, सामूहिकता और लोक परंपराओं की जो भावना दिखाई देती है, वह समाज के लिए प्रेरणादायी है।
उन्होंने कहा कि नांदिया आकर मुझे बहुत अच्छा लगा। जिस आत्मीयता और उत्साह के साथ यहां लोगों ने अपनी संस्कृति, परंपराओं और मातृभूमि के प्रति सम्मान को प्रस्तुत किया है, वह मन को छू लेने वाला है। ऐसे आयोजनों से हमारी नई पीढ़ी अपनी मिट्टी और संस्कृति से जुड़ती है। ग्रामीण संस्कृति को संजोना और आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
लोक कलाकारों ने बांधा समां
महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या में लोक गायक जमीन खान एवं गायिका रिंकल ने अपनी शानदार प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया। लोकगीतों एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों पर उपस्थित दर्शक झूम उठे। कलाकारों की प्रस्तुतियों का ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक आनंद लिया और तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साह बढ़ाया।
शोभायात्रा से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रम तक हुए आयोजन
महोत्सव के दौरान सामूहिक स्वच्छता अभियान के बाद शोभायात्रा, दीपोत्सव, सांस्कृतिक संध्या, कृष्ण लीला, सामूहिक गरबा गायन, लोकनृत्य एवं मटकी फोड़ प्रतियोगिता सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। वहीं विसर्जन दिवस पर मूर्ति स्थापना एवं अतिथि स्वागत, ऊंट दौड़, ग्रामीण एवं पारंपरिक खेल प्रतियोगिताएं, गैर, गरबा एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
कार्यक्रम में मातृशक्ति सम्मान, सामाजिक सरोकार, मातृभूमि वंदन, पर्यावरण संरक्षण एवं ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे संदेशों को भी प्रमुखता दी गई। ग्रामीण मेले में झूले, हाट-बाजार एवं बाल मनोरंजन की व्यवस्था रही। महोत्सव में पारंपरिक, जैविक एवं आधुनिक कृषि से जुड़ी जानकारी तथा ग्रामीण जीवन और कृषि संस्कृति को प्रदर्शित किया गया।
पारंपरिक ग्रामीण खेलों और लोक संस्कृति के माध्यम से ग्रामीण जीवन की समृद्ध विरासत को सामने रखा गया । आयोजन के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम ने ग्रामीणों में उत्साह और सामाजिक एकजुटता का माहौल बनाया।
आयोजक सरपंच *हिंगलाजदान चारण* एवं समस्त ग्रामवासी नांदिया ने मुख्य अतिथि मंजू लोढ़ा, लोक कलाकारों सहित सभी अतिथियों, ग्रामीणों एवं सहयोगियों का आभार जताया।
इस अवसर पर राजस्थान हाईकोर्ट के एडवोकेट ललित भंडारी भीनमाल, मुम्बई के प्रसिद्ध उद्योगपति खुशाल भंडारी सहित ग्रामीण क्षेत्रों के बड़ी संख्या में जन प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
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