प्रदेश के अनुसूचित जाति वर्ग के 44 जातियों ने मिलकर बनाया नया संगठन, 8 अक्टूबर को लेंगे नवनियुक्त पदाधिकारी शपथ
द सिटी रिपोर्ट न्यूज@दुर्ग. सर्व अनुसूचित जाति समाज छत्तीसगढ़ ने अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के हक और अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ने का ऐलान किया है। जिस उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्रदेश के अनुसूचित वर्ग के 44 जातियों को शामिल कर नया सामाजिक संगठन खड़ा किया गया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मण भारती और महासचिव ध्रुव कुमार सोनी (लंगूर) बनाए गए हैं। इसके अलावा संगठन की मजबूती के लिए अन्य पदों पर पदाधिकारी की नियुक्ति की गई है। सर्व अनुसूचित जाति समाज छत्तीसगढ़ के ये नवनियुक्त प्रादेशिक पदाधिकारी के अलावा दुर्ग जिला के पदाधिकारी 8 अक्टूबर को एक भव्य समारोह में पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण करेंगे।
शपथ ग्रहण समारोह के लिए फिरहाल अभी स्थान का चयन नहीं हो पाया है। समारोह में प्रदेशभर से अनुसूचित जाति समाज के लोग सैकड़ो की संख्या में जुटेगे। जिसे लेकर संगठन द्वारा युद्धस्तर पर तैयारी जारी है। यह बातें सर्व अनुसूचित जाति समाज छत्तीसगढ़ के प्रवक्ता डॉ. अरविंद चौधरी और महासचिव ध्रुवकुमार सोनी (लंगूर) ने शनिवार को मीडिया से संयुक्त चर्चा में कही है।

इस दौरान संगठन के प्रदेश सचिव अनिल जोग, प्रदेश उपाध्यक्ष विजय बोरकर, प्रदेश कोषाध्यक्ष कमलेश चौरे, प्रदेश सचिव नरेश ठाकुर, प्रदेश संगठन सचिव महेश मालापुरे, जिला अध्यक्ष योगेंद्र चौरे, सदस्य योगेश खांडेकर, जितेंद्र मडमे, बीआर कटाने, विशाल चौरे, योगेश सहारे, पार्वती पंडित, कमलेश्वरी हरपाल भी मौजूद थे।

सर्व अनुसूचित जाति समाज छत्तीसगढ़ के प्रवक्ता डॉ. अरविंद चौधरी और महासचिव ध्रुवकुमार सोनी (लंगूर) ने बताया कि सर्व अनुसूचित जाति समाज छत्तीसगढ़ का 3 सितंबर 2023 को गठन किया गया है। संगठन का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ राज्य बननेे के पश्चात अनुसूचित जातियों की दशा और दिशा में सुधार,अनुसूचित जातियों में वर्ष 2016 के पश्चात शामिल जातियों को संवैधानिक अधिकार मिले, जनसंख्या के अनुपात मे आरक्षण मिले, 1 मई 2023 के उच्चतम न्यायालय द्वारा अंतरिम आदेशों में पदोन्नति में आरक्षण को राज्य शासन द्वारा लागू किया जाए, राज्य के बड़े राजनीतिक पार्टियों द्वारा विधानसभा के अनारक्षित सीटों पर अनुसूचित जाति के लोगों को टिकट दिया जाए, शिक्षित युवा बेरोजगारों को रोजगार मिले,अनुसूचित जाति के शासकीय कर्मचारीयों को जातिगत प्रताड़ना व भेदभाव पर रोक, छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जाति का जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सरकार पर दबाव बनाकर अनुसूचित जाति वर्ग को न्याय दिलाना है।

सर्व अनुसूचित जाति समाज छत्तीसगढ़ के प्रवक्ता डॉ. अरविंद चौधरी और महासचिव ध्रुवकुमार सोनी (लंगूर) ने कहा कि भारतीय संविधान लागू होने के बाद भी अनुसूचित जाति वर्ग के लोग आर्थिक व शैक्षणिक रूप से काफी पिछड़े हुए हैं। यह वर्ग अपने संवैधानिक अधिकारों से आज भी वंचित है। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद भी अनुसूचित जाति वर्ग का जाति प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है। इसमें 1950 का रिकॉर्ड बड़ा रोड़ा बना हुआ है, हालांकि राज्य की भूपेश बघेल सरकार द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के जाति प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया है। जिसके तहत जाति प्रमाण पत्र के लिए नगर निगम द्वारा आवेदन भी मांगे गए। निगम द्वारा इन आवेदनों पर प्रस्ताव पारित कर शासन को भेजा गया है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा नियम व कानून का हवाला देकर आवेदनों को लटकाए हुए हैं। दुर्ग नगर निगम में अकेले 5सौ से अधिक अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के जाति प्रमाण पत्र लंबित हैं। जाति प्रमाण पत्र के अभाव में अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
